अहमदाबाद। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि कांग्रेस व विपक्ष के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकल्प नहीं है इसलिए वह सीएए पर देश के युवा व अल्पसंख्यकों को गुमराह कर शांति व कानून व्यवस्था को बिगाडऩे के लिए उकसा रहा है। अमित शाह बोले राहुल एंड कंपनी देश का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्हें कानून की समझ नहीं है, सीएए से किसी की नागरिकता को कोई खतरा नहीं है। भाजपा कार्यकर्ता घर घर जाकर लोगों को इसके बारे में समझाएं। देश की जनता कांग्रेस माक्‍र्सवादी, केजरीवाल व ममता बनर्जी को कभी माफ नहीं करेगी। शाह ने कहा कि डाक विभाग का लिफाफा गुजरात की संस्कृति व आदिवासी परंपराओं का एम्बेसडर बनेगा। शाह ने डाक विभाग के एक लिफाफे का अनवरण किया है जिस पर गुजरात की लोक कला व आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। यह लिफाफा देश-विदेश में जहां भी जाएगा गुजरात के एम्बेसडर की तरह प्रचार करेगा। 
शाह ने कहा कि गुजरात के पोरबंदर में उन्होंने खुद ऐसा बोर्ड देखा था जिस पर लिखा था यहां से पोरबंदर की सीमा शुरु होती है ओर भारत का कानून यहां से लागू नहीं होता है। राज्य में भाजपा के शासन से पहले सांप्रदायिक दंगे कफ्र्यू व हिंसा आगजनी आम बात थी। 
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भी भगवान भरोसे होती थी। 2001 में शासन की बागडौर नरेंद्र मोदी के हाथ में आने केबाद अपराध सांप्रदायिक दंगों पर अंकुश लगा जिससे राज्य में शांति व सम्रधी हुई। गुजरात आज निवेश वनिर्यत के मामले में देश के अन्य राज्यों से आगे निकल गया है। 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, ममता बैनर्जी, अरविंद केंजरीवाल व माक्सर्वादी नेताओं पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की संसद में विपक्ष की ये बातें रिकार्ड हुई है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं इसलिए वे नागरिकता कानून पर युवा व अल्पसंख्यकों को भड़का रहे हैं।

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि देश को स्वाधीनता दिलाने के लिए गुजरात के दो महान पुत्र महात्मा गांधी व सरदार पटेल ने स्वाधीनता आंदोलन चलाया और देश को आजादी दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के रूप में गुजरात के इन दो पुत्रों ने भी देश व दुनिया में गुजरात का नाम रोशन किया है। देश को एक मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए मोदी व शाह ने एक के बाद एक बडे फैसले किए। जम्मू कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने, राममंदिर निर्माण आंदोलन, नागरिकता संशोधन कानून , ट्रीपल तलाक जैसे कई निर्णयों से देश में सुरक्षा कानून के शासनकी अनुभूति होने लगी है। गुजरात में वर्ष 2001 से पहले शहर व गांवों में अपराधी तत्व सक्रिय थे जिनसे उद्ध्मी व पुलिस भी भय खाते थे। 

अपहरण, फिरौती, रंगदारी व सांप्रदायिक दंगे जैसी घटनाओं के अलावा कई शहर व गांवों में बोर्ड लगाए जाते थे कि यहां अब भारत का कानून लागू नहीं होता है। ऐसे हालात से गुजरात को निकालकर सुरक्षित व देश में विकास के मामले में मॉडल राज्य बनाने के लिए मोदी व शाह की जोडी ने अथक प्रयास किए। 

रुपाणी ने बताया कि साइबर क्राइम के चलते लोग ठगे जाते थे लेकिन अपराधी नहीं पकड़े जाते थे अब गुजरात पुलिस के अश्योर्ड असिस्टेंस सर्विस हेल्पलाइन फॉर विक्टिम एट शॉटेस्ट टाइम आश्वसत प्रोजेक्ट से साइबर सुरक्षा का सुरक्षित जाल बिछाया जाएगा ताकि पुलिस अपराधों के संशोधन व आरोपियों तक आसानी से पहुंच सकेगी।