झारखंड में बाबा वैद्यनाथ मंदिर और रजरप्पा मंदिर समेत सभी धार्मिक स्थल खुल जाएंगे। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने इस संबंध में निर्णय लिया है। मंगलवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में धार्मिक स्थलों को खोलने के साथ स्कूल-कॉलेज को खोलने को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही राज्य में दुर्गा पूजा के लिए पंडाल बनाने ओर प्रतिमा स्थापित करने को भी अनुमति दी गई है। हालांकि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए धार्मिक स्थलों को खोलने और दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर कुछ शर्त भी लगाई गई है।

आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया कि राज्य के सभी धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। बड़े धार्मिक स्थलों में एक घंटे में अधिकतम सौ लोगों के प्रवेश को अनुमति दी गई है। लेकिन साथ ही इन धार्मिक स्थलों में एक बार में 50 से अधिक लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा अन्य धार्मिक स्थलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ खोला जाएगा। धार्मिक स्थल पर संचालन से सभी संबंधित व्यक्ति जैसे पुजारी, पांडा, इमाम, पादरी इत्यादि का कम से कम एक टीका लेना अनिवार्य होगा l

एक और बड़ा फैसला लेते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने पंडालों में दुर्गा पूजा के आयोजन को अनुमति दे दी है। लेकिन साथ में शर्त यह रखी गई है कि इन पंडालों में दुर्गा प्रतिमा पांच फीट से अधिक ऊंची नहीं होनी चाहिये। लाउडस्पीकर का प्रयोग पूजा छोड़ अन्य वक्त पर प्रतिबंधित किया गया है। आमलोगों की भीड़ को पंडाल में प्रवेश को भी प्रतिबंधित किया गया है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मंदिर या पंडाल में प्रवेश पर भी रोक रहेगी। साथ ही इन पंडालों में भोग के आयोजन ओर प्रसाद वितरण पर रोक जारी रहेगी। दुर्गा पूजा के मौके पर मेला आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।