अहमदाबाद | राज्य के छह शहरों में लॉकडाउन का सरकार के नाम से फर्जी पत्र वायरल करने वाले शख्स को अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेल दिया है| अहमदाबाद के कुबेरनगर क्षेत्र के संतोषीनगर निवासी अमृत सलाट नामक शख्स ने अपने फेसबुक पेज पर गुजरात सरकार के नाम से एक पत्र पोस्ट किया था| जिसमें अमृत सलाट लिखा कि कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है| सरकार ने रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाया है, परंतु उससे कोई ठोस परिणाम नहीं मिलने से गृह विभाग ने राज्य के 6 शहरों में 11 अप्रैल से 17 अप्रैल तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला किया गया है| जिसमें आपातकालीन सेवाएं चालूं रहेंगी और लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित शहर के एसपी और डीवायएसपी की होगी| अमृत सलाट ने गुजरात सरकार के नाम से लॉकडाउन का फर्जी पत्र सोशल मीडिया में वायरल किया था| लॉकडाउन के संदर्भ में सरकार के नाम से जारी इस पत्र के मामले की जांच साइबर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी| साइबर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और अमृत सलाट को गिरफ्तार कर लिया| आरोपी ने कबूल किया है कि उसने फर्जी लेटर एडिट कर वायरल किया था| गौरतलब है मौजूदा दौर में सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग होता है| सोशल मीडिया उपयोग बुरा नहीं है, बशर्ते अफवाह फैलाने या किसी की भावनाओं को आहत करने के लिए नहीं होना चाहिए| आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है और ऐसे में भी कुछ मश्करे सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने से बाज नहीं आ रहे और लोगों में पैनिक फैलाने का काम कर रहे हैं| जरूरी नहीं है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली बातें पूरी तरह गलत हों| यह सोशल मीडिया का उपयोग करने वाले विवेक पर निर्भर करता है कि किस खबर को आगे बढ़ाए, किसे नहीं| ज्यादातर लोग बिना सोचे समझे निराधार खबरों को भी फारवर्ड कर देते हैं, जिससे लोगों में अफरातफरी मच सकती है| कोरोना महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोगों को बेहद सतर्क और अफवाहों से दूर रहना जरूरी है|