दिल्ली में 1993 में हुए बम ब्लास्ट के दोषी सिख कैदी दविंदरपाल सिंह भुल्लर की सजा माफी के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सुप्रीम कोर्ट जाएगी। यह फैसला एसजीपीसी की अंतरिम कमेटी की बैठक में लिया गया। गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के गेस्ट हाउस में इस बैठक में कई अहम प्रस्ताव पास किए गए।
एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने बताया कि शिरोमणि कमेटी भुल्लर की सजा माफी के लिए सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ेगी। बड़े वकील इस केस की पैरवी करेंगे और सारा खर्च कमेटी उठाएगी। इसके अलावा रिव्यू पिटीशन भी दायर की जाएगी। वहीं आजादी में योगदान देने वाले गदरी बाबाओं की याद में 11 जनवरी को अमृतसर में विशाल समागम कर उनकी तस्वीरें केंद्रीय सिख अजायब घर अमृतसर में लगाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।
वरियाम सिंह को एक लाख पुरस्कार
बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा माफ करने के लिए शिरोमणि कमेटी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से भी मिलेगी। इसके अलावा लंबे समय जेल में रहे सिख कैदी वरियाम सिंह को कमेटी एक लाख रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है रोक
सुप्रीम कोर्ट ने दविंदरपाल भुल्लर को रिहा करने के केंद्र की फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके खिलाफ यूथ कांग्रेस के पूर्व नेता मनिंदर सिंह बिट्टा ने याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि भुल्लर को फांसी की सजा हुई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे उम्रकैद में बदल दिया था। अब केंद्र सरकार भुल्लर को रिहा नहीं कर सकती।
श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा को हरा भरा बनाने के लिए लगेंगे फूल पौधे
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अंतरिम कमेटी की अहम बैठक में श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा को हरा भरा बनाने के लिए नए फूल पौधे लगाने, विदेशों में सिख संगत की मांग पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप एक विशेष चार्टर जहाज के माध्यम से भेजे जाने का भी प्रस्ताव पास किया गया। इसके लिए कनाडा में स्टोरेज बनाया जाएगा और यहां से अमेरिका, आस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों को स्वरूप आगे भेजे जाएंगे।

एसजीपीसी की विभिन्न कार्यों के लिए नई सब-कमेटियां बनेंगी, हरियाणा में बाबा बंदा सिंह बहादुर जी की याद में बन रही यादगार के लिए कमेटी और जमीन खरीदेगी। श्री करतारपुर साहिब दर्शनों के लिए गुरुद्वारा श्री हरमंदिर साहिब अमृतसर से रोजाना एक बस रवाना होगी जो श्रद्धालुओं को गुरुधामों के दर्शन दीदार करवाएगी।

सिख तीर्थ स्थानों पर जाने के लिए संगत की सुविधा के लिए पंजाब के हर जिले में 34 सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। गंगानगर में सिखी के प्रचार के लिए एक प्रचार वैन दी जाएगी। केसगढ़ साहिब (आनंदपुर साहिब) में नया दफ्तर और जोड़ा घर भी बनाया जाएगा। नानकशाही कैलेंडर 558 को 30 दिसंबर को जारी किया जाएगा।

नागरिकता कानून में सभी धर्मों के लोगों को शामिल करे सरकार
नागरिकता संशोधित कानून पर लौंगोवाल ने गुरबाणी से तर्क देते कहा कि सिख गुुरुओं ने हमेशा सरबत के भले की अरदास की है। पड़ोसी मुल्कों से भटककर आए शरणार्थी भारत की नागरिकता पाने के लिए बेताब थे, इस बारे में एसजीपीसी ने विदेश मंत्रालय को भी कई अपीलें कीं थी। इस नागरिकता कानून से बाहर से आए सिखों को बहुत लाभ होगा।

सरकार से गुजारिश है इस कानून में मुस्लिमों समेत हर मजहब के लोगों को भी शामिल किया जाए। राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा के बयान पर लौंगोवाल ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है कि शिरोमणि कमेटी बादल परिवार के हाथों में खेल रही है।