बेंगलुरु । कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि आरोग्य सेतु डाउनलोड नहीं करने वाले नागरिकों को केंद्र या राज्य सरकार जरूरी सु‎विधाएं नहीं छीन सकती। जस्टिस अभय ओका और जस्टिस अशोक एस किनागी की बेंच ने आरोग्य सेतु के अनिवार्य डाउनलोड के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि सार्वजनिक सेवाएं बाधित नहीं की जा सकतीं। हाईकोर्ट को उन लोगों के लिए राहत माना जा रहा है जिन्होंने आरोग्य सेतु ऐप नहीं डाउलोड किया है। गौरतलब है कि देश में मार्च महीने में कोरोना वायरस के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन के कुछ समय बाद से आरोग्य सेतु ऐप को लेकर सरकार गंभीर रही है। बीते महीनों में भारत सरकार बार-बार लोगों से अपील करती रही है कि लोग आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करें। बीच में ऐसी भी खबरें आई थीं कि आरोग्य सेतु ऐप न डाउनलोड करने की वजह से जरूरी सुविधाओं का लोग फायदा नहीं उठा पाएंगे। ऐसा भी कहा गया था कि कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार आरोग्य सेतु ऐप को अनिवार्य कर सकती है। केंद्र सरकार कोरोना की रोकथाम में आरोग्य सेतु को कारगर हथियार मानती रही है। जब इस ऐप की लॉन्चिंग हुई थी तब लोगों के मेडिकल डेटा को लेकर भी चिंताएं जाहिर की थीं। तब सरकार की तरफ से साफ किया गया था कि लोगों का गोपनीय डेटा गोपनीय ही रहेगा। स्पष्ट किया गया था कि ऐप को मोबाइल से अनइंस्टॉल करने के कुछ समय बाद डेटा अपने-आप गायब हो जाएगा और ऐप के डेटा को स्थाई तौर पर स्टोर करने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसका इस्तेमाल सिर्फ कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए किया जा रहा है।