उदयपुर। समीपवर्ती सिरोही के पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। जिसमें आठ साल की एक बालिका से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के आरोपी को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। प्रदेश में पॉक्सो एक्ट के तहत फांसी की सजा का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

 उदयपुर के निकटवर्ती जिले सिरोही पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश अमिताभ आचार्य ने आठ साल की बालिका से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में तेलपी खेड़ा-अनादरा निवासी नौकाराम उर्फ भारमाराम (24) को फांसी की सजा सुनाई। यह फैसला दोपहर साढ़े तीन बजे सुनाया गया था और उसकी चर्चा उदयपुर कोर्ट में भी रही। स्थानीय विधिवेत्ताओं का कहना है कि जघन्य अपराधों में फांसी की सजा का प्रावधान है और यह मामला भी जघन्य अपराध था, जिसमें यह फैसला सुनाया गया।

बालिका के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या को न्यायाधीश ने राक्षसी कृत्य बताया। फैसले में टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि आठ साल की बालिका के साथ दुष्कर्म की वारदात की, जो अपनेआप को बचाने में समर्थ नहीं थी। ऐसे अपराधियों को जीने का कोई अधिकार नहीं बनता।

45 दिन में चालान, एक साल में फैसला

बालिका के साथ्ज्ञ दुष्कर्म और हत्या के दोषी के खिलाफ सिरोही जिले की अनादरा थाना पुलिस ने महज 45 दिन में चालान पेश कर दिया था। इस मामले की प्राथमिकी 25 सितम्बर 2020 को दर्ज कराई थी, जबकि पुलिस ने जांच पूरी कर 19 नवंबर 2020 को आरोपी नौकाराम के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया था। अदालत ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और एक साल में फैसला सुना दिया।

बताया गया कि अनादरा थाना पुलिस ने आरोपी नौकाराम के दोषी साबित करने के लिए 24 गवाह पेश किए। हालांकि इस मामले में आरोप साबित करने में सबसे अहम बात आरोपी और पीड़िता की डीएनए जांच रही, जिससे साबित हुआ कि आरोपी ने ना केवल बालिका से दुष्कर्म किया, बल्कि गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

यह था मामला

प्रकरणानुसार आठ साल की बालिका 25 सितम्बर 2020 को अपने दो भाइयों के साथ नहाने निकली थी। दोनों भाई घर लौट आए लेकिन बालिका लापता थी। मां के पूछे जाने पर भाइयों ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन को अंतिम बार तेलपीखेड़ा गांव के नौकाराम के साथ देखा था। बालिका की तलाश की गई तो उसका लहूलुहान शव मिला, जिसके शरीर में खरोंचे पड़ी हुई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो खुलासा हुआ कि हत्या से पहले उसके साथ निर्दयता के साथ दुष्कर्म किया गया। जिस पर पुलिस ने नौकाराम को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नौकाराम इस मामले में पुलिस पर जबरन फंसाने का आरोप लगाता रहा लेकिन पुलिस की जांच में वह दोषी पाया गया।