बिहार:आज 541 करोड़ की तीसरी सौगात देंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बेउर और करमलीचक में काम करने लगेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे।
बेउर व करमलीचक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में साफ होकर पुनपुन नदी में जाएगा 24 हजार घरों का पानी
नमामि गंगे परियोजना के तहत पटना में सबसे पहले इन्हीं दो परियोजनाओं का चयन किया गया था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को बिहार को 541 करोड़ की तीसरी सौगात देंगे। दोपहर 12 बजे वर्चुअल माध्यम से 7 परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास होगा। इनमें जल आपूर्ति, सीवरेज ट्रीटमेंट और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री राजधानी पटना में 152 करोड़ से बनी पटना के बेउर और करमलीचक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन, 41 करोड़ की सीवान जलापूर्ति योजना का उद्घाटन, 32 करोड़ की बक्सर जलापूर्ति योजना का उद्घाटन, 52 करोड़ की लागत से छपरा में जलापूर्ति योजना का शुभारंभ, 198 करोड़ की मुंगेर जलापूर्ति और 59 करोड़ की जमालपुर जलापूर्ति योजना और 11 करोड़ के व्यय से मुजफ्फरपुर में रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कार्यक्रम के शिलान्यास करेंगे।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में साफ होकर पुनपुन नदी में जाएगा 24 हजार घरों का पानी
बेउर व करमलीचक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आज से चालू हो जाएंगे। नमामि गंगे परियोजना के तहत पटना में सबसे पहले इन्हीं दो परियोजनाओं का चयन किया गया था। पहले निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार एसटीपी का निर्माण कराएगी। बाद में इसमें सीवरेज नेटवर्क की योजना को भी जोड़ा गया। अब तो हाउस कनेक्शन की भी जिम्मेदारी नमामि गंगे परियोजना का काम करने वाली एजेंसी को ही दे दी गई है।

अभी एसटीपी का ही निर्माण कार्य पूरा हुआ है। इसे सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने और हाउस कनेक्शन का काम अभी बाकी है। इसमें वर्ष 2021 के अंत तक का समय लगने की संभावना है। बुडको के मुताबिक, बेउर नेटवर्क का काम पूरा होने के बाद करीब 12 हजार घरों से निकलने वाले पानी व सीवेज को सीधे एसटीपी तक ले जाया जाएगा। करमलीचक परियोजना से भी इतने ही घरों को फायदा मिलेगा। दोनों परियोजनाओं से पानी को साफ कर पुनपुन नदी में भेजा जाएगा, जो जाकर गंगा नदी से मिलती है।

छह साल पहले बनी थी योजना
राजधानी को छह जोन में बांटकर नमामि गंगे प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। बेउर व करमलीचक एसटीपी के निर्माण की योजना 15 जुलाई 2014 को बनाई गई थी। 77.85 करोड़ की लागत से 43 एमएलडी क्षमता के बेउर एसटीपी और 83.97 करोड़ की लागत से 37 एमएलडी की क्षमता के करमलीचक एसटीपी का निर्माण किया गया है। बाद में सीवरेज नेटवर्क बिछाने की परियोजना को भी इससे जोड़ा गया।

बेउर सीवरेज नेटवर्क प्रोजेक्ट को 31 दिसंबर 2014 को मंजूरी मिली। 394.89 करोड़ की लागत से 179.74 किमी सीवरेज नेटवर्क को इस योजना के तहत बिछाया जा रहा है। वहीं, करमलीचक सीवरेज नेटवर्क को 16 मार्च 2017 को मंजूरी मिली। इसके तहत 96.54 किमी सीवरेज नेटवर्क को 277.42 करोड़ की लागत से बिछाया जाना है।

क्यों पड़ी जरूरत?
राजधानी पटना में सबसे बड़ी परेशानी ड्रेनेज व सीवरेज सिस्टम के एक साथ होने की है। राजधानी में घरों से निकलने वाले पानी और बारिश के पानी की निकासी का सिस्टम अलग-अलग नहीं होने के कारण हर साल मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा पुराने पटना में सेप्टिक टैंक वाले बाथरूम का प्रचलन नहीं था। इसके लिए राजेंद्रनगर और कंकड़बाग में संप हाउस का निर्माण किया गया। यहां सीवरेज नेटवर्क भी बने। लेकिन, रखरखाव के अभाव में बर्बाद हो गए।

कंकड़बाग के गंगा भवन संप हाउस में तो वर्ष 2010 तक मशीनों को लगाने का कार्य किया गया, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पाया। हालांकि, अंडरग्राउंड लाइन होने से घरों का पानी निकालने का कार्य इससे होता रहा है। कंकड़बाग जैसे निचले इलाके में भी घरों से निकलने वाले पानी के लाइन में ड्रेनेज लाइन जुड़े रहने के कारण बारिश के मौसम में लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। बाथरूम की स्थिति खराब हो जाती है। नमामि गंगे परियोजना इन समस्याओं का समाधान करेगा।

मुंगेर: अमृत योजना से निगम के सभी 45 वार्डों के 29323 घरों में पहुंचेगा शुद्ध पेयजल
नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से नगर निगम के सभी 45 वार्डों में अब घर-घर शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जाएगा। अमृत योजना के तहत 198 करोड़ से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा, जिसका शिलान्यास मंगलवार को नरेंद्र मोदी करेंगे। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) द्वारा इस काम की जिम्मेदारी मुंबई की जेएमसी प्रोजेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। जिसे 20 माह में पूरा करना है।

योजना के तहत पहले चरण में 29323 घरों में पानी का कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजलापूर्ति करना है। इसके लिए शहर में 318 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। 5 जगहों पर वाटर टावर बनाए जाएंगे। कस्तूरबा वाटर वर्कर्स परिसर में 34 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंगा का पानी स्टोर होकर वहां रिसाइकिल होने के बाद पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंचेगा। एजेंसी द्वारा इसके लिए सर्वे किया जा चुका है।

सीवान: आज से तीन जलमीनारों से शहर में पानी की आपूर्ति होगी शुरू
केंद्र सरकार की अमृत योजना से नगर परिषद क्षेत्र में बने तीन जल मीनारों का उद्घाटन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। जल मीनार के निर्माण पर करीब 40 करोड़ 75 लाख 46 हजार रुपए खर्च किए गए। जिसका निर्माण वीएम उच्च विद्यालय, हरदिया मोड के समीप और पुलिस लाइन मैदान में किया गया है। उद्घाटन के बाद लोगों के घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने लगेगा।