नई दिल्ली । टाटा पावर लिमिटेड ने बुधवार को बताया कि उसकी इकाई टीपी सौर्या, झारखंड के जमशेदपुर में टाटा स्टील लिमिटेड को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराएगी। टाटा पावर के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी टीपी सौर्या लिमिटेड ने झारखंड के जमशेदपुर में 15 मेगावाट की सौर परियोजना विकसित करने के लिए टाटा स्टील लिमिटेड के साथ ‘बिजली खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। टाटा स्टील लिमिटेड को निर्धारित वाणिज्यिक परिचालन तिथि से 25 वर्ष की अवधि के लिए वैध पीपीए के तहत सौर बिजली की आपूर्ति की जाएगी। कंपनी ने कहा कि परियोजना को, पीपीए के निष्पादन की तारीख से छह महीने के भीतर चालू करने की जरुरत होगी। इस संयंत्र से प्रति वर्ष औसतन 3.2 करोड़ यूनिट ऊर्जा उत्पन्न होने की उम्मीद है और यह प्रतिवर्ष औसतन 2.58 करोड़ किलोग्राम कार्बन डायआक्साइड की भरपाई करेगा। टाटा पावर की अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 4,047 मेगावाट हो जाएगी, जिसमें से 2,687 मेगावाट चालू है और 1,360 मेगावाट कार्यान्वयन की प्रक्रिया में है, जिसमें मौजूदा पीपीए के तहत प्राप्त किए गए 15 मेगावाट बिजली भी शामिल है। टाटा पावर के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने अपने बयान में कहा, हम कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए टाटा स्टील के साथ सहयोग कर खुश हैं। मौजूदा समय में यह समझौता जमशेदपुर में टाटा स्टील तक सीमित है और हम भारत में उनके सभी अन्य संयंत्रों को समझौते के दायरे में लाने और उनके साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।