विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की सफाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सफाई के लिए बकेट क्रेन का इस्तेमाल करना पड़ता है. 182 मीटर ऊंची प्रतिमा को साफ करने में हो रहीं दिक्कतों को देखते हुए अब प्रतिमा के दोनों पैरों में दो दरवाजे बनाए जा रहे हैं.
विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की सफाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सफाई के लिए बकेट क्रेन का इस्तेमाल करना पड़ता है. 182 मीटर ऊंची प्रतिमा को साफ करने में हो रहीं समस्याओं को देखते हुए अब प्रतिमा के दोनों पैरों में दो दरवाजे बनाए जा रहे हैं.

इस सबसे ऊंची प्रतिमा के दोनों पैरों की प्लेट काट कर बनाए जा रहे दरवाजे 2.1 मीटर ऊंचे और 1.8 मीटर चौड़े होंगे. इनमें से एक दरवाजे में लिफ्ट और दूसरे में सीढ़ियों की सुविधा दी जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा के लिहाज से भी यह अहम कदम है. इन दरवाजों का उपयोग प्रतिमा के दीदार को व्यूइंग गैलरी में पहुंचने वाले लोगों के आपातकालीन निकास के लिए किया जाएगा.

आपात स्थिति के लिए दो सीढ़ी

विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा के पास किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिहाज से भी इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नर्मदा निगम के मुख्य अभियंता पीसी व्यास ने कहा कि पर्यटक गैलरी में दो लिफ्ट का इंतजाम है. उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति के लिए दो सीढ़ियां भी रखी गई हैं. मुख्य अभियंता ने कहा कि गैलरी में आग लगने जैसी आपात घटना की स्थिति में पर्यटकों को बाहर निकालने में इन दरवाजों का उपयोग किया जाएगा.

एक साल में देखने पहुंचे 29 लाख लोग

लौह पुरुष सरदार पटेल की लोहे से बनी प्रतिमा देखने के लिए बड़ी तादाद में पर्यटक पहुंच रहे हैं. पिछले एक साल में 29 लाख लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने पहुंचे. गुजरात पर्यटन से जुड़े अधिकारियों को पर्यटकों की संख्या में और इजाफे की उम्मीद है. गौरतलब है कि पर्यटकों के लाखों की संख्या में पहुंचने के कारण प्रतिमा का रंग बदल रहा है. प्रतिमा का रंग ब्रॉन्ज हो गया है.