अब आने वाले दिनों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया बदलाव देखने को मिलेगा। यूजीसी उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए अब शीर्ष संस्थानों को ऑनलाइन बना रहा है। ऐसे में छात्रों को केवल परीक्षा देने के लिए ही निर्धारित केंद्रों पर जाना पड़ेगा। ये सुविधा सिर्फ डिग्री प्रदान करने वाले संस्थानों के लिए ही है। 
यूजीसी ने शीर्ष संस्थानों को 2019-20 के शैक्षिक सत्र के लिए कोर्सेज को ऑनलाइन करने के आदेश दिये हैं। इस प्रकार छात्रों को सिर्फ परीक्षा देने के लिए निर्धारित केंद्रों पर जाना पड़ेगा। ये सुविधा सिर्फ डिग्री प्रदान करने वाले संस्थानों के लिए है। 
ऑनलाइन कोर्स शुरु करने की सुविधा केवल उन्हीं संस्थानों को दी गई है जिन्हें राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क के शीर्ष 100 रैंक में शामिल किया गया है। इसके अलावा जिन संस्थानों को 4 अंक के पैमाने पर 3.26 के न्यूनतम स्कोर के साथ राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद द्वारा (नेक) की मान्यता प्राप्त है। 
साल में दो बार प्रवेश होंगे 
मानव संसाधन विभाग के अनुसार, ऑनलाइन कोर्सेज के लिए साल में दो बार प्रवेश लिए जाएंगे। एक उच्च शिक्षा संस्थान उसी पाठ्यक्रम की पेशकश करेगा जो पारंपरिक मोड या ओपन ऐंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) मोड के तहत पेश किया गया है हालांकि, कोर्स की डिलीवरी ऑनलाइन होगी। इसमें शिक्षा की गुणवत्ता समान होगी। परीक्षा निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जहां छात्रों की पहचान बायोमेट्रिक डेटा के माध्यम से की जाएगी जो वह नामांकन के समय प्रस्तुत करेंगे। वे सभी पाठ्यक्रम जिनका व्यावहारिक कार्यक्रम और घटक नहीं हैं, उनका ऑनलाइन कोर्स या ओडीएल मोड पेशकश करने की अनुमति नहीं है।