बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। यहां झारखंड की तरह भाजपा को हराने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) राज्य के अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी के साथ जाने के लिए तैयार है। इसका इशारा राजद नेता रघुवंश प्रसाद ने दिया है। उनका कहना है कि सभी गैर-भाजपा दलों के लिए यह जरूरी है कि वह साथ आएं।

रघुवंश प्रसाद ने कहा, 'सभी गैर भाजपा पार्टियों के लिए यह जरूरी है, चाहे वह कोई भी हो, नीतीश कुमार या कोई अन्य ए, बी, सी, डी अच्छी या बुरी कि वह भाजपा के खिलाफ साथ आएं। हम किसी को पिक (पसंद) या चूज (चुनना) नहीं करने वाले हैं। हम भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए किसी के साथ भी हाथ मिला सकते हैं।'
 
राजद इस चुनाव में अपने पुराने चेहरों को एकबार फिर फ्रंट पर लाने की कोशिशों में जुटी है। इसके अलावा वह अपनी सियासी चाल और सियासी चरित्र भी बदलने के लिए शिद्दत से जुटी हुई है। आमतौर पर मुस्लिम और यादवों को अपना वौटबैंक मानने वाली राजद ने जगदानंद सिंह जैसे सवर्ण को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर इसके संकेत दिए हैं।

बिहार में जारी है पोस्टर वॉर

नए साल के मौके पर जदयू ने राजद के 15 सालों पर निशाना साधते हुए 'हिसाब दो हिसाब लो' का पोस्टर लगाया था। जिसके जवाब में राजद ने पोस्टर जारी किया है। जिसमें लिखा है- ‘झूठ की टोकरी, घोटालों का धंधा’। राजद प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। हालांकि खास बात यह है कि राजद के जवाबी पोस्टर किसी नेता-कार्यकर्ता का नहीं बल्कि पार्टी का अधिकृत पोस्टर है। इसे नीति आयोग की ओर से प्रमाणित होने का दावा भी किया गया है।

जदयू पर निशाना साधते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता सिद्धार्थ क्षत्रिय ने पटना में एक पोस्टर लगाया है। जिसमें लिखा है- साल 2020, बात 2020, चुनावी साल, नो टेस्ट मैच। मिट्टी में मिल जाएंगे भाजपा में न जाएंगे की बात कहने वाले दूसरे की मिट्टी और भूत की कहानी सुनाकर बिहार की जनता को खुद के वादों से न भटकाएं।