बेंगलुरु । एक कन्नड़ टीवी चैनल  द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में येदियुरप्पा के बेटे, दामाद और पोते का नाम सामने आया है। जो शहर की एक एजेंसी बीडीए द्वारा कथित रूप से रिश्वत की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस के अनुसार, व्हाट्सएप चैट से मालूम चलता है कि कथित रूप से ठेकेदार द्वारा रिश्वत नकद में दी गई। साथ ही बैंक खातों में सीधा ट्रांसफर करने के लिए कहा गया है। इस खुलासे के बाद कर्नाटक की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कांग्रेस  ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे की मांग की है। 
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्वीट कर कहा, "मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके परिवार को कथित 666 करोड़ के बीडीए निर्माण परियोजना घोटाले में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। हम सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश या कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा समयबद्ध जांच की मांग करते हैं। मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को इस्तीफा देना चाहिए या जांच में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए भाजपा द्वारा बर्खास्त किया जाना चाहिए। " 
सिद्धारमैया ने कहा,'विजयेंद्र ने ठेकेदार से काम जारी करने के लिए  17 करोड़ रूपये की रिश्वत की मांग की है। यह कहते हुए कि पहले भुगतान की गई राशि उसके पास नहीं पहुंची है। ठेकेदार ने शशिधर मराडी के खाते में सीधे 7।4 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। शेष राशि हुबली में सीएम के दामाद की मदुरा एस्टेट को भुगतान करने के लिए कहा गया...बाद में, यह काला धन अलग-अलग राज्यों में पंजीकृत सात शेल कंपनियों के माध्यम से रूट किया गया। "
बीजेपी एमएलसी एन रविकुमार ने एक समाचार चैनल को बताया, "इन आरोपों का कोई आधार नहीं है। विजयेंद्र को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह मुख्यमंत्री के बेटे हैं। भाजपा इसे कोई महत्व नहीं दे रही है। यह भाजपा के नाम, मुख्यमंत्री और उनके बेटे को बदनाम करने के लिए कांग्रेस की साजिश है।