Saturday, November 26, 2022
Homeमध्यप्रदेशप्रदेश में पर्याप्त खाद का दावा, फिर भी वितरण केंद्रो पर कतारें

प्रदेश में पर्याप्त खाद का दावा, फिर भी वितरण केंद्रो पर कतारें

  • 26 लाख टन की जरूरत पर सिर्फ 1.49 लाख टन खाद ही उपलब्ध
  • रबी सीजन में खाद की किल्लत, अंचल में सहकारी समितियों में लग रही कतारें, किसान परेशान

भोपाल । प्रदेश में खाद की किल्लत बरकरार है। हाल ये है कि डिमांड की तुलना में खाद की उपलब्धता ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। कई केंद्रों में खाद खत्म हो चुकी है। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ ने किसानों की सुविधा के लिए 200 से ज्यादा केन्द्र खोलने और जिन क्षेत्रों में ज्यादा भीड़ हो रही है वहां 150 अतिरिक्त केन्द्र खोलने की बात कही है लेकिन इससे किसानों की दिक्कतें खत्म नहीं हो रहीं हैं। वर्तमान में प्रदेश की 4500 सहकारी समितियों के पास सिर्फ 1.49 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। 30 हजार टन खाद रविवार तक और आने की उम्मीद है जबकि प्रदेश में रबी फसलों की बोवनी के लिए 26.25 लाख टन खाद की जरूरत है। करीब 1 करोड़ किसान रबी फसल की बोवनी करते हैं। यही वजह है कि खाद लेने के लिए समितियों में किसानों की अल सुबह से लाइनें लग रही हैं। हालांकि मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ ने किसानों को नकद खाद खरीदी के लिए 240 डबल लाक केन्द्र खोले हैं। साथ ही जिन क्षेत्रों में ज्यादा भीड़ होती है वहां 150 के करीब अतिरिक्त केन्द्र खोले हैं। मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो रबी फसल की बोवनी के लिए अब तक 5 लाख 2 हजार टन यूरियाए डीएपीए एनपीके और पोटाश सहित अन्य खाद किसानों को उपलब्ध कराई गई है। निजी व्यापारियों के जरिए भी किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही हैए लेकिन इनकी दरें समितियों से ज्यादा हैं।

अफसरों का तर्क
कृषि और सहकारिता विभाग के सूत्रों का कहना है कि इन दिनों सहकारी समितियों में खाद के लिए सबसे ज्यादा लाइन डिफाल्टर किसानों की लगती है। सरकार ने डिफाल्टर किसानों के लिए भी समिति से नकद में खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।

सरकार का दावा
राज्य सरकार का दावा है कि नवंबर के लिए केंद्र ने 7 लाख टन यूरिया, डीएपी 1.94 लाख टन, एनपीके की 0.72 लाख टन का आवंटन किया है। 5 नवम्बर की स्थिति में यूरिया 1.20 लाख टन, डीएपी 0.83 लाख टन, एनपीके 0.34 लाख टन का आवंटन प्रदेश को मिल गया है।

कई जिलो में बन रही खाद संकट की स्थिति
प्रदेश में रबी सीजन के चलते खाद संकट के हालात बन रहे हैं। ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन, भोपाल संभाग के कई जिलों में खाद की भारी किल्लत है। वितरण केंद्र पर किसानों की लंबी कतारे हैं। खाद की वितरण की बिगड़ती व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अफसरों से कहा कि खाद वितरण की ऐसी व्यवस्था करें कि कहीं भी खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को लाइन न लगाना पड़े। उपलब्धता के बाद यह सुनिश्चित करें कि वितरण की व्यवस्था भी सही रहे। केन्द्र सरकार से निरंतर आवंटन प्राप्त हो रहा है।  मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि खाद की कोई कमी नहीं है। वितरण का असंतुलन नहीं होना चाहिए। यह जानकारी भी किसान तक पहुँचे। खाद वितरण के सुचारू प्रबंध मैदान में दिखना चाहिए। कंट्रोल रूम से निगाह रखते हुए प्रतिदिन की जानकारी सामने लाई जाए। व्यवस्था में दोषी लोगों को जेल भेजने की कार्यवाही हो। प्रदेश में खाद वितरण के 262 अतिरिक्त काउंटर प्रारंभ किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने निर्देश दिए कि गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

Join Our Whatsapp Group