Wednesday, April 17, 2024
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करवा चौथ पर सुहागिनें न करें ये 5 काम, खंडित हो सकता है व्रत

Karwa Chauth 2023: हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं और कुंवारी लड़कियां होने वाले पति के लिए यह व्रत रखती हैं। करवा चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति का चेहरा देखकर ही व्रत तोड़ा जाता है। इस साल करवा चौथ का व्रत (Karwa Chauth Vrat) 1 नवंबर, बुधवार के दिन रखा जा रहा है। इस बार करवा चौथ व्रत 13 घंटे 42 मिनट की अवधि का होगा। सूर्योदय से चंद्रोदय तक यह व्रत रखते हैं। इस बार करवा चौथ पर चंद्रोदय रात 08 बजकर 15 मिनट पर होगा। हालांकि करवा चौथ व्रत के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखते हैं, ताकि व्रत असफल न हो। अगर आप पहली बार करवा चौथ का व्रत रख रही हैं तो यहां जानिए आपको किन बातों को खासतौर से ध्यान में रखना चाहिए।केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य से जानते हैं कि करवा चौथ पर कौन से कार्य नहीं करने चाहिए।

न करें ये 5 काम

अन्न और जल ग्रहण न करें
करवा चौथ का व्रत निर्जला होता है। सूर्योदय से पूर्व सरगी खाकर व्रत रखते हैं और पूरे दिन अन्न-जल का त्याग करते हैं। यह एक निराहार व्रत है।इस दिन गलती से भी अन्न और जल ग्रहण न करें, वरना आपका व्रत टूट जाएगा और आपको व्रत का फल प्राप्त नहीं होगा।

सुहाग सामग्री का दान न करें

करवा चौथ का व्रत अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है, इसलिए उस दिन स्वयं उपयोग की गई सुहाग से जुड़ी सामग्री जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, महावर, मेहदी आदि का दान किसी को न करें।

चंद्र अर्घ्य के बिना पारण न करें

करवा चौथ व्रत में चंद्रोदय के समय छलनी से चांद को देखा जाता है और चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं। उसक बाद पति के हाथों जल ग्रहण करके व्रत का पारण करते हैं। उस दिन आप बिना चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य दिए पारण न करें। यदि आपके शहर में किसी कारणवश चांद न दिखे तो ज्योतिष उपाय करके पूजा और अर्घ्य दें। उसके बाद पारण करें।

दिन में न सोएं

करवा चौथ व्रत रखने वाली महिलाओं को दिन में सोना नहीं चाहिए। व्रत रखकर सोने से व्रत का फल प्राप्त नहीं होता है। वह निष्फल हो जाता है और दोष भी लगता है। करवा चौथ समेत सभी व्रतों में यह नियम लागू होता है। हालांकि जिनको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उनको छूट होती है।

काले कपड़े न पहनें

करवा चौथ अखंड सुहाग और सुखी दांपत्य का प्रतीक है। उस दिन काले रंग के कपड़े न पहनें। काले रंग को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।उस दिन आप लाल, गुलाबी, पीले, हरे रंग के कपड़े पहन सकती हैं. लाल और गुलाबी को ज्यादा शुभ माना जाता है।

सास को पूजा और सुहाग की सामग्री देना न भूलें

करवा चौथ की पूजा के बाद अपनी सास को पूजा और सुहाग की सामग्री देना न भूलें। यदि आप ऐसा करती हैं तो वे खुश होकर आपको अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देंगी। आपके पति की आयु बढ़ेगी। करवा चौथ की पूजा उसके व्रत के बिना अधूरी होती है।जब आप शाम के समय में माता गौरी की पूजा करें तो करवा चौथ की व्रत कथा सुनना न भूलें। कथा सुनने से व्रत पूरा होगा और उसका महत्व भी पता चलेगा।

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