Saturday, December 10, 2022
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टोल नाके के कर्मचारियों ने विधायक उमाकांत शर्मा से की अभद्रता, डेढ़ घंटे तक हुआ हंगामा

विदिशा ।   ब्यावरा-सिरोंज राष्ट्रीय राजमार्ग 752 बी पर स्थित टोल नाके पर सोमवार की रात टोल कर्मियों ने सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा के साथ अभद्रता की। जिसके चलते करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा होता रहा। स्थानीय अधिकारियों के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। सिरोंज विधायक शर्मा रात करीब नौ बजे भोपाल से मकसूदनगढ़ होते हुए लटेरी में युवा मोर्चा कार्यकर्ता शिवायु भार्गव के घर रसोई में शामिल होने के लिए जा रहे थे। विधायक शर्मा ने बताया कि लटेरी के पहले नेशनल हाइवे 752 बी पर स्थित टोल नाके पर उनका वाहन रोक दिया गया। जब उनके गनमैन ने विधायक कार्ड दिखाया तो टोल कर्मचारियों ने इसे मानने से इंकार कर दिया। कर्मचारी उनसे अभद्र व्यवहार करने लगे। इसके बाद उन्होंने टोल नाके के मैनेजर को बुलाने की बात कही तो एक व्यक्ति चड्डी – बनियान पहने सामने आया। उसका कहना था कि वह अभी ड्यूटी पर नहीं है, इसलिए उनकी कोई मदद नहीं कर सकता। विधायक के मुताबिक उन्होंने रसीद कटवाने की बात कही, इसके बावजूद नाके का बैरियर नहीं खोला। शर्मा के मुताबिक उन्होंने मैनेजर के हाथ पांव जोड़े, इसके बावजूद टोल कर्मचारी उनकी बात को अनसुना करते रहे। इसके विरोध में वे टोल नाके के समीप ही सड़क पर जाकर बैठ गए। इस दौरान सड़क से गुजर रहे लोग और आसपास के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। शर्मा के मुताबिक उन्होंने मौके से ही लटेरी पुलिस थाने के टीआइ, एसडीएम, आरटीओ, कलेक्टर, एसपी और आईजी को फोन लगाकर टोल नाके पर उनके साथ किए गए अभद्र व्यवहार की शिकायत की। कुछ देर बाद लटेरी टीआइ काशीराम कुशवाह और तहसीलदार अजय शर्मा मौके पर पहुंचे। जब दोनों अधिकारियों ने टोल नाका मैनेजर से बात की तो वह अधिकारियों के सामने खुद को आन ड्यूटी बताने लगा। इसके बाद उन्होंने टोल नाके की रसीद और वे करीब डेढ़ घंटे बाद लटेरी के लिए रवाना हुए। इधर, टीआइ कुशवाह का कहना था कि विधायक ने कोई लिखित शिकायत नही दी है, इसलिए किसी के खिलाफ कोई प्रकरण नहीं दर्ज किया गया है।

किससे करें शिकायत, अधिकारी नहीं बता पाए

विधायक शर्मा का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इस टोल नाके पर कर्मचारियों की पहले भी शिकायतें मिलती रही है। नाके के कर्मचारी आसपास के गांवों के लोगों से भी जबरन टोल टैक्स की वसूली करते है। घटना के बाद उन्होंने जिले के अधिकारियों से जानना चाहा कि इन नाकों की निगरानी का जिम्मा किस विभाग के पास है। वे किस अधिकारी से टोल कर्मियों की शिकायत कर सकते है लेकिन जिले के अधिकारी न तो निगरानी का जिम्मा संभालने वाले विभाग का नाम बता पाए और न ही अधिकारी का नाम बता पाए।

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