Saturday, June 22, 2024
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MP के शिवपुरी DM office में आगजनी के आरोप में सरकारी अफसर सहित 3 गिरफ्तार

भोपाल। शिवपुरी जिलाधिकारी ऑफिस में आगजनी मामले का मध्य प्रदेश पुलिस ने खुलासा करते हुए एक सरकारी कर्मचारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पिछले दिनों DM office में लगी भीषण आग में कई दस्तावेज जल गए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियोंं की पहचान रूप सिंह परिहार और उसके सहयोगी राहुल सिंह परिहार और जितेंद्र पाल के रूप में हुई है।

इस पूरे अग्निकांड की साजिश रचने के आरोप में तीनों को गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार और शनिवार की आधी रात को जिलाधिकारी ऑफिस में लगी भीषण आग में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जल गए थे। आग बुझाने के लिए राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) को मौके पर बुलाया गया था।

CCTV से हुआ खुलासा

पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि मुख्य आरोपी ने जिलाधिकारी कार्यालय के भूमि अधिग्रहण अनुभाग में मुआवजे के वितरण में अनियमितताओं से संबंधित फाइलों को नष्ट करने के लिए पूरे ऑफिस में आग लगा दी थी। उन्होंने बताया कि अनुभाग में काम करने वाले एक ‘कंप्यूटर ऑपरेटर’ ने आग लगाने के लिए दो लोगों को काम पर रखा था। उनके अनुसार सीसीटीवी फुटेज में 17 मई की रात एक बजे और डेढ़ बजे के बीच दो लोग परिसर के अंदर दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि बाद में दोनों की पहचान भूमि अधिग्रहण अनुभाग के ‘कंप्यूटर ऑपरेटर’ रूप सिंह परिहार और उसके सहयोगी राहुल सिंह परिहार के रूप में हुई।

20 लाख रुपये के गबन के संबंध में जांच लंबित

एसपी ने कहा कि परिहार के खिलाफ एक सिंचाई योजना के लिए भूमि अधिग्रहण में 20 लाख रुपये के गबन के संबंध में जांच लंबित है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पहले ही परिहार और अन्य अधिकारियों के खिलाफ गबन के आरोप में कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी रूप सिंह परिहार और उसके सहयोगियों राहुल परिहार और जितेंद्र पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है।

करोड़ों की संपत्ति का मालिक है ऑपरेटर

NDTV ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मामूली सा कंप्यूटर ऑपरेटर सरकारी सिस्टम में गहरा दखल रखता है। बताया गया है कि इस कंप्यूटर ऑपरेटर के पास न केवल पांच जेसीबी मशीन हैं, बल्कि दो लग्जरी गाड़ियां, मकान, खेत, दुकान और अन्य संपत्ति भी है। इतना ही नहीं इसका रुतबा पूरी पिछोर तहसील में चलता है। बताया यह भी जाता है कि इसने राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे कुछ राजनेताओं को भारी भरकम गिफ्ट भी दिए हैं। अब इस ऑपरेटर के पास में इतनी संपत्ति कैसे आई और यह देखते ही देखते करोड़ों में कैसे खेलने लगा? इस बात का पता लगाने और असलियत जानने के लिए पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।

1 करोड़ खर्च कर किया था धार्मिक आयोजन, कथावाचक जया किशोरी भी पंहुची थी

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, रूप सिंह ने साल 2023 में पिछोर तहसील के अंतर्गत अपने क्षेत्र में एक विशाल धार्मिक आयोजन किया था, जिसकी पूरी व्यवस्थाएं खुद इस कंप्यूटर ऑपरेटर ने संभाली थी। इस धार्मिक आयोजन में जानी-मानी कथावाचक जया किशोरी कथा वाचन के लिए आई थीं। उस समय इस कंप्यूटर ऑपरेटर का इतने बड़े स्तर पर इतना व्यापक धार्मिक आयोजन करना चर्चा का विषय बना था।

रिकॉर्ड जलाने के लिए दो आरोपियों को दिए थे 10-10 हजार

माना जा रहा रहा है कि आरोपी ने सिर्फ 20 लाख रुपये का घोटाला छुपाने के लिए रिकॉर्ड नहीं जलाए होंगे, इसके पीछे किसी बड़े घोटाले पर पर्दा डालना भी हो सकता है। इसीलिए आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिनके नाम पुलिस ने राहुल और चेतन बघेल बताए गए हैं। आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि मुख्य आरोपी रूप सिंह परिहार ने दोनों को आग लगाने के लिए 10-10 हजार रुपये दिए थे। इसके अलावा उसने आग लगाने की जगह भी बताई थी।

दोपहर में की रेकी और रात में आग के हवाले

पुलिस ने इस मामले की जब जांच की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल करने के बाद मुख्य आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर रूप सिंह परिहार को भी गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि रूप सिंह परिहार जो कि कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ मास्टरमाइंड है, उसने अपने इन दोनों साथियों के साथ मिलकर रेकी की और दोनों को आग लगाने की जगह बताई. आरोपियों ने एक बार रात 10:00 बजे आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके और फिर रात में 12:18 पर अंदर घुसे और कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम को पेट्रोल की सीसी में आग लगाकर जला डाला.

 3 दिन की रिमांड के लिए अनुमति मांगी

कलेक्ट्रेट में हुए अग्निकांड को लेकर जांच कर रहे खुद शिवपुरी जिले के पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने इस मामले की जांच करते हुए पूरा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि हमने सभी गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने के लिए कोर्ट से 3 दिन की रिमांड के लिए अनुमति मांगी है, जिसमें हमें उम्मीद है कि उनके साथ और कौन-कौन कर्मचारी या अन्य लोग मिले हुए हैं उनके संबंध में पता लगाया जाएगा.

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