Sunday, February 25, 2024
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Holi Date: 2024 में कब है होली, जानें होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

Holi 2024 Date: होलिका दहन, होली त्यौहार का पहला दिन, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसके अगले दिन रंगों से खेलने की परंपरा है जिसे धुलेंडी, धुलंडी और धूलि आदि नामों से भी जाना जाता है। होली बुराई पर अच्छाई की विजय के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। फाल्गुन पूर्णिमा को प्रदोष काल में होलिका दहन करते हैं, उसकी सुबह होली होती है.फाल्गुन पूर्णिमा को प्रदोष काल में होलिका दहन करते हैं, उसकी सुबह होली होती है।
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा को प्रदोष काल में भद्रा रहित मुहूर्त में करते हैं, लेकिन साल 2024 में फाल्गुन पूर्णिमा को प्रदोष काल में भद्रा लगी हुई है, जिस वजह से लोगों को होलिका दहन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। आइए जानते हैं कि नए साल 2024 में होली कब है? होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या है? होलिका दहन वाले दिन भद्रा कब से कब तक है।

कब है होलिका दहन 2024?

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मा​ह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 24 मार्च रविवार को सुबह 09 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि का समापन 25 मार्च सोमवार को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा. उदयातिथि के आधार पर होलिका दहन 24 मार्च 2024 को रविवार के दिन है।

होलिका दहन 2024 भद्रा का समय

24 मार्च को होलिका दहन के दिन भद्रा लग रही है। उस दिन भद्रा का प्रारंभ सुबह 09 बजकर 54 मिनट से हो रही है, जो रात 11 बजकर 13 मिनट तक है। उस दिन भद्रा की पूंछ शाम 06:33 बजे से शाम 07:53 बजे तक है, वहीं भद्रा का मुख शाम 07:53 बजे से रात 10:06 बजे तक है।

हालिका दहन के दिन भद्रा का वास पृथ्वी लोक पर सुबह 09:54 बजे से दोपहर 02:20 बजे तक है, वहीं भद्रा का वास पाताल लोक में दोपहर 02:20 बजे से रात 11:13 बजे तक है। भद्रा के समय में हालिका दहन नहीं करते हैं।

होलिका दहन का शास्त्रोक्त नियम

फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से फाल्गुन पूर्णिमा तक होलाष्टक माना जाता है, जिसमें शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। पूर्णिमा के दिन होलिका-दहन किया जाता है। इसके लिए मुख्यतः दो नियम ध्यान में रखने चाहिए –

  • पहला, उस दिन “भद्रा” न हो। भद्रा का ही एक दूसरा नाम विष्टि करण भी है, जो कि 11 करणों में से एक है। एक करण तिथि के आधे भाग के बराबर होता है।
  • दूसरा, पूर्णिमा प्रदोषकाल-व्यापिनी होनी चाहिए। सरल शब्दों में कहें तो उस दिन सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्तों में पूर्णिमा तिथि होनी चाहिए।
  • होलिका दहन (जिसे छोटी होली भी कहते हैं) के अगले दिन पूर्ण हर्षोल्लास के साथ रंग खेलने का विधान है और अबीर-गुलाल आदि एक-दूसरे को लगाकर व गले मिलकर इस पर्व को मनाया जाता है।

होलिका दहन 2024 मुहूर्त

नए साल 2024 में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 13 मिनट से देर रात 12 बजकर 27 मिनट तक है। होलिका दहन के लिए 1 घंटा 14 मिनट का शुभ समय प्राप्त होगा। होलिका दहन के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:34 बजे से अगले दिन सुबह 06:19 बजे तक है, वहीं रवि योग रवि योग सुबह 06:20 बजे से सुबह 07:34 बजे तक है। होलिका दहन के अगले दिन सुबह में रंगोंवाली होली खेली जाएगी। साल 2024 में होली 25 मार्च दिन सोमवार को है। उस दिन सुबह 06:19 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। होली वाले दिन वृद्धि योग सुबह से लेकर रात 09:30 बजे तक है, उसके बाद से ध्रुव योग होगा. उस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 10:38 बजे तक है। उसके बाद से हस्त नक्षत्र होगा।

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