Tuesday, April 23, 2024
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क्‍या है भारत मार्ट प्रोजेक्ट? जिसको लेकर चीन आया तनाव में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशि अल मकतूम के साथ दुबई में भारत मार्ट प्रोजेक्ट की आधारशिला क्या रखी चीन तनाव में आ गया है। भारत मार्ट एक ऐसा प्रोजेक्ट है जो दुबई में एक लाख वर्ग भूमि में विकसित किया जा रहा है जो एक ऐसा व्यापारिक केंद्र बनेगा जो भारतीय लघु एवं मध्यम उद्योगों को उत्पादन को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एक मंच प्रदान करेगा। जहां से अंतर्राष्ट्रीय खरीददारों को एमएसएमई के उत्पादन मिल सकेंगे और एमएसएमई को नई उड़ान मिल सकेगी।

क्या काम करेगा भारत मार्ट प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट को आत्मनिर्भर भारत के सपनों को उड़ाने देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 2025 तक इस प्रोजेक्ट के बनकर तैयार हो जाने और संचालन में आ जाने की उम्मीद है। इसका निर्माण डीपी वल्र्ड करेगी। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि यह मार्ट भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के उत्पादों को खाड़ी, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरेशिया क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा और उनके निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह मार्ट जेबेल अली बंदरगाह के करीब बन रहा है, जो भारतीय कंपनियों को वहां वेयर हाउस सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसकी रणनीतिक स्थिति और लॉजिस्टिक में क्षेत्र में इसकी मजबूती का लाभ उठाकर भारत-यूएई द्विपक्षीय व्यापार को और आगे बढ़ाएगा। इस वेयर हाउस फैसिलिटी सेंटर में भारतीय एमएसएमई कंपनियों के रिटेल शोरूम,ऑफिस और गोदाम होंगे, जहां से भारतीय कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच आसान हो सकेगी।

भारत मार्ट प्रोजेक्ट से टेंशन में क्‍यों आया गया चीन?

दुबई में ही चीनी कंपनियों के प्रोडक्ट्स का एक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र ड्रैगन मार्ट है। ड्रैगन आकार में बने इस मार्ट में चीनी कंपनियों के उत्पाद भरे हैं। यह एक लाख 50 हजार वर्ग मीटर में बना हुआ है, जहां करीब 4000 रिटेल शॉप्स हैं। अब इसी के बगल में ड्रैगन मार्ट-2 भी खुल चुका है, जहां रेस्टोरेंट, होटल और सिनेमा हॉल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उसी शहर में अत्याधुनिक भारत मार्ट के शिलानायस हो जाने से चीन टेंशन में आ गया है। यह मार्ट 2025 तक ऑपरेशन में आ जाएगा। दरअसल, भारत और यूएई ने 2030 तक नॉन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का आयात-निर्यात बढ़ाकर 8.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा करने का फैसला किया है। इस दिशा में भारत मार्ट संयुक्त अरब अमेरिका समेत अन्य देशों के लिए कारगर साबित होगा। चीन को यही चिंता सताए जा रही है कि अगर भारत मार्ट संचालन में आ गया तो चीनी सामानों को विदेशी बाजार में न केवल टक्कर मिलेगी बल्कि भारतीय उत्पाद मिडिस-ईस्ट, सेंट्रल एशिया, यूरोप और अन्य पश्चिमी देशों के बाजार पर कब्जा जमा लेगा।

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