Thursday, February 29, 2024
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रामलला के जलाभिषेक के लिए 26000 किलोमीटर की यात्रा कर अयोध्या पहुंचेगा ये खास रथ

Ayodhya News : अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण काफी तेजी से चल रहा है। ऐसे में इंदौर में एक रथ का बनाया गया है जो अयोध्या के लिए रवाना होगा। दरअसल 22 जनवरी को राम मंदिर में अयोध्या राम में हो जाएगी और अयोध्या में रामलला की पुनः स्थापना की जाएगी इसके लिए पूरे देश में अलग-अलग आयोजन चल रहे हैं और मंदिर को लेकर तैयारियां की जा रही है उधर अयोध्या में भी मंदिर लगभग बनकर तैयार है और जनवरी में इसका पूजन करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं आएंगे इधर इंदौर में एक रथ तैयार किया गया है इस रथ के माध्यम से देश की 75 नदियों के जल को कलश में संग्रहित किया जाएगा बताया जा रहा है की रामलला के जलाभिषेक के लिए देशभर में यह रथ 75 नदियों का जल एकत्रित करेगी जिसके लिए करीब 26000 किलोमीटर की यात्रा इस रथ द्वारा पूरी की जाएगी इस रथ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरु चित्रकूट से रवाना करने वाले हैं।

रथ में देश की 75 नदियों के जल को संग्रहित किया जाएगा

अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से पीएम मोदी को न्योता भी भेजा गया है। 22 जनवरी 2024 वो तारीख है, जिस दिन राम मंदिर के दर्शन के लिए करोड़ों भक्तों का इंतजार खत्म हो जाएगा। इस दिन भगवान रामलला गर्भगृह में विराजमान होंगे। रामलला के दर्शन के लिए देशभर से भक्त अयोध्या पहुंचेंगे। ऐसे में इंदौर शहर में अयोध्या रवाना करने के लिए एक रथ का निर्माण किया गया है। इस रथ में देश की 75 नदियों के जल को संग्रहित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि रामलाल की जलाभिषेक के लिए 26000 किलोमीटर की यात्रा यह रथ पूरी करेगा। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरु चित्रकूट से रवाना करेंगे।

15 दिन और 40 कारीगर लगे तैयार करने में

इस रथ को इंदौर के ही एक कलाकार के तरफ से बनाया जा रहा है और इंदौर में ही यह रथ बनकर तैयार हो रहा है।रथ बनाने वाले कलाकार महेंद्र कोडवानी ने जानकारी देते हुए बताया की अयोध्या में राम मंदिर के अनावरण कार्यक्रम और प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उन्होंने इस रथ को तैयार किया है. जिसे आचार्य रामभद्राचार्य के निर्देश पर इंदौर से रवाना किया जाएगा। 75 नदियों का जल लेकर यह रथ 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगा. इस रथ में छोटे-छोटे कलश बनाए गए हैं जिनमें 75 नदियों की जल को एकत्रित किया जाएगा इसके साथ ही साथ में चार पंडित लगातार 60 दिनों तक हनुमान चालीसा का निरंतर पाठ करेंगे।

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