Saturday, June 22, 2024
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केन्‍द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां का निधन

ग्‍वालियर। बुधवार सुबह केन्‍द्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया की माताजी राजमाता माधवी राजे सिंधिया का दुखद निधन हो गया है। ग्‍वालियर राजघराने की राजमाता का दिल्‍ली एम्‍स में इलाज चल रहा था। वे पिछले माह से बीमार थीं। इलाज के दौरान उन्‍होंने बुधवार सुबह अंतिम सांस ली। गौरतलब है कि चुनाव के समय भी कई बार राजमाता बीमार पडी, जिसके चलते उनके पुत्र को ज्योतिरादित्य सिंधिया व परिवार के अन्य सदस्यों को चुनाव प्रचार छोड़कर दिल्ली जाना पड़ा। सिंधिया राजघराने की बहू बनने से पहले माधवी राजे का नाम किरण राज लक्ष्मी था। वह नेपाल राज परिवार की राजकुमारी थीं। आठ मई 1966 को ग्वालियर के तत्कालीन महाराज माधव राव सिंधिया से उनकी शादी हुई थी। उनकी शाही शादी तब खूब चर्चा में रही थी। ग्वालियर से दिल्ली माधव राव की बारात ट्रेन से गई थी। राजमाता के पति और ग्‍वालियर रियासत के महाराज स्‍वर्गीय माधव राव सिंधिया भी लोकप्रिय जननेता थे। कांग्रेस सरकार में माधव राव सिंधिया केन्‍द्रीय मंत्री रह चुके थे। एक बार तो उन्‍होंने अटल बिहारी वाजपेयी को चुनाव में हराया था। महाराज के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को उनके पुत्र ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया संभाल रहे हैं।

कौन हैं माधवी सिंधिया?

माधवी सिंधिया भी एक शाही परिवार से आती हैं! उनके मायके का भी गौरवपूर्ण इतिहास रहा है. माधवी राजे सिंधिया के दादा जु्द्ध शमशेर जंग बहादुर नेपाल के प्रधानमंत्री रहे हैं। किसी वक्त में वो राणा डायनेस्टी के मुखिया भी रहे थे. माधवी राजे सिंधिया को प्रिंसेज किरण राज्य लक्ष्मी देवी के नाम से भी जाना जाता है। राजमाता माधवी राजे सिंधिया के पति माधवराव सिंधिया की गिनती देश के ताकतवर नेताओं में होती थी। उनका निधन एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हो गया था। दोनों की शादी तय होने का किस्सा भी दिलचस्प है। दरअसल, माधवराव सिंधिया की शादी के लिए अलग-अलग जगह से तस्वीर आ रही थीं। परिवार के सामने जब उन्होंने नेपाल की राजकुमारी की तस्वीर देखी थी तो उन्हें पहली नजर में पसंद आ गई थीं। हालांकि उन्होंने परिवार से कहा था कि मैं शादी से पहले मिलना चाहता हूं लेकिन यह हसरत पूरी नहीं हो पाई। साथ ही दोनों की शादी तय हो गई। 60 के दशक में सिंधिया परिवार में नेपाल राजघराने की तरफ से शादी का प्रस्ताव आया था, जिसे ग्वालियर घराने ने स्वीकार कर लिया था।

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