बिजली उत्पादन में बड़ा कदम, अदाणी पावर बनाएगा 2400 MW का मेगाप्लांट

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व्यापार: अदाणी पावर को बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) से 25 साल के लिए बिजली खरीद का लेटर ऑफ अवार्ड (LOA)मिला है। कंपनी राज्य को 2,400 मेगावाट की ग्रीनफील्ड अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल प्लांट से बिजली उपलब्ध कराएगी। यह प्लांट भागलपुर जिले के पीरपैंती में स्थापित किया जाएगा। 

एलओए के बाद पीएसए पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद
कंपनी के अनुसार, यह अवार्ड बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी की ओर से नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के लिए जारी किया गया है। LoA के बाद अदाणी पावर और संबंधित कंपनियों के बीच जल्द ही एक पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

बिहार में किफायती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. बी. ख्यालिया ने कहा कि पीरपैंती (भागलपुर) में बन रही अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल हाई-एफिशिएंसी पावर प्लांट कंपनी की क्षमता और भरोसेमंद उत्पादन का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र बिहार को किफायती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही राज्य में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और लोगों की समृद्धि सुनिश्चित होगी। ख्यालिया ने दावा किया कि आदाणी पावर, देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की थर्मल पावर उत्पादक कंपनी के रूप में, परिचालन उत्कृष्टता और सतत विकास में नए मानक स्थापित कर रही है।

बिजली की मांग 2047 तक 700 गीगावाट से अधिक हो सकती है
भारत की बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, अनुमान है कि अधिकतम आवश्यकता आज के 250 गीगावाट से बढ़कर 2031-32 तक लगभग 400 गीगावाट और 2047 तक 700 गीगावाट से अधिक हो सकती है। बढ़ते औद्योगीकरण, शहरी विकास और बढ़ती खपत के साथ, सरकार ने स्थिर और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 2035 तक लगभग 100 गीगावाट की नई तापीय क्षमता जोड़ने की योजना बनाई है।

कंपनी ने 6.075 रुपये प्रति यूनिट बिजली की न्यूनतम बोली लगाई
पीरपैंती परियोजना में 800 मेगावाट की तीन इकाइयां होंगी। अदाणी पावर ने इससे पहले बीएसपीजीसीएल द्वारा आयोजित टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से यह परियोजना जीती थी। इसमें उसने 6.075 रुपये प्रति यूनिट बिजली की न्यूनतम बोली लगाई थी। कंपनी ने इस बिजली संयंत्र और इससे संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए लगभग तीन अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।