इर्फान अंसारी बयान विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है और अब इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंत्री इर्फान अंसारी का बीएलओ को लेकर दिया गया बयान पूरी तरह असंवैधानिक है। मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि ऐसे गैर-जिम्मेदार मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए, क्योंकि उनके शब्द लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करते हैं।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश का संविधान चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता और सटीकता बनाए रखने का पूर्ण अधिकार देता है। लेकिन दुख की बात है कि संविधान बचाने की बात करने वाली कांग्रेस सरकार के मंत्री ही SIR प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने इर्फान अंसारी के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने सार्वजनिक मंच से BLO को ‘घर में बंद करने’ और ‘बंधक बनाने’ जैसी बातें कही थीं।
मरांडी ने स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य वोटर सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। इसमें मृत मतदाताओं के नाम हटाने, डुप्लीकेट नामों को हटाने, नए मतदाताओं को जोड़ने और घुसपैठियों के फर्जी नामों को निकालने जैसे कदम शामिल हैं। यह पूरी चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का अहम आधार है।
उन्होंने कहा कि इर्फान अंसारी जैसे उकसाऊ बयान न केवल SIR प्रक्रिया को बाधित करते हैं, बल्कि पूरी चुनावी प्रणाली और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सीधा प्रहार करते हैं। जब किसी मंत्री के शब्द ही कानून-व्यवस्था और चुनावी कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दें, तो उसके पास पद पर बने रहने का न नैतिक और न ही संवैधानिक अधिकार रह जाता है।
अंत में बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वोट बैंक की राजनीति छोड़कर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चुनाव आयोग से भी इस मामले में कठोर कदम उठाने की अपील की।









