प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 30 नवंबर 2025 को मन की बात का 128वां एपिसोड देश को संबोधित किया। इस प्रसारण को कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विभिन्न नेताओं ने सुना। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कृषि, खेल, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और विज्ञान-तकनीक के महत्वपूर्ण मुद्दों को विस्तार से रखा।
पीएम मोदी ने कहा कि नवंबर का महीना देश के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आशाओं से भरा रहा। 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर संसद के सेंट्रल हॉल में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। वहीं वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में देशभर में कार्यक्रमों की श्रृंखला की शुरुआत की गई। 25 नवंबर को अयोध्या के राम मंदिर में धर्म ध्वजा फहराई गई। उसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पांचजन्य स्मारक का लोकार्पण भी हुआ।
कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है, जो पिछले 10 वर्षों की तुलना में 100 मिलियन टन अधिक है। उन्होंने इसे किसानों की मेहनत और कृषि क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का परिणाम बताया।
खेल और विज्ञान में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विमानन क्षेत्र में MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल) सेक्टर में बड़ी प्रगति हुई है। पिछले सप्ताह INS माहे भारतीय नौसेना में शामिल हुआ। इसके साथ ही स्काईरूट के इन्फिनिटी कैंपस ने देश के अंतरिक्ष इकोसिस्टम को नई गति दी है। खेल जगत में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा, जो देश की बड़ी उपलब्धि है।
काशी तमिल संगमम का उल्लेख
पीएम मोदी ने बताया कि चौथा काशी तमिल संगमम 2 दिसंबर से वाराणसी के नमो घाट पर शुरू होने जा रहा है। इस वर्ष का थीम ‘तमिल करकलम’ यानी तमिल सीखें रखा गया है। उन्होंने तमिल भाषा और संस्कृति को भारत की प्राचीन धरोहर बताते हुए इसकी विशेषता पर प्रकाश डाला।
इसरो की ड्रोन प्रतियोगिता पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने हाल ही में वायरल हुए इसरो की ड्रोन प्रतियोगिता के एक वीडियो का जिक्र किया, जिसमें युवाओं ने मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में बिना GPS सपोर्ट के ड्रोन उड़ाने की चुनौती स्वीकार की। पुणे की टीम ने कई बार असफल होने के बाद अंततः सफलता हासिल की। पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं का यही जज़्बा और दृढ़ संकल्प भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगा। उन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि असफलताओं को पार कर आगे बढ़ना ही भारत की असली ताकत है।









