वोट चोरी के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी, सरकार को घेरने की बनेगी रणनीति

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पटना। बिहार चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर राजनीतिक मोर्चे पर सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने सरकार को वोट चोरी के मुद्दे पर घेरने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश स्तरीय बड़ी बैठक बुलाई है। यह बैठक 1 दिसंबर को पटना स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस कमिटी के शीर्ष नेतृत्व, सभी जिलाध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष और मोर्चा-फ्रंटल संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने बताया कि राज्य कमिटी की यह चुनाव के बाद पहली बड़ी समीक्षा बैठक होगी। इसमें चुनावी पराजय के कारणों का विश्लेषण ही नहीं बल्कि सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की रणनीति भी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी वोट चोरी के मुद्दे को अब राष्ट्रीय स्तर पर लेकर जाएगी और केंद्र के साथ-साथ बिहार सरकार पर भी दबाव बनाएगी।
पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर 14 दिसंबर को दिल्ली में विशाल विरोध रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार के खिलाफ माहौल खड़ा किया जाएगा। पटना की यह बैठक उसी रैली की तैयारी और संगठन के सक्रियण पर केंद्रित रहेगी।
बैठक की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में जिला स्तर तक बूथ संरचना को मजबूत करने, संगठन की कमियों को दूर करने, सामाजिक वर्गों में पहुंच बढ़ाने और युवाओं व किसानों से जुड़े मुद्दों को व्यापक रूप से उठाने पर चर्चा होगी। साथ ही कांग्रेस द्वारा आगामी महीनों में चलाए जाने वाले जनजागरण कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
सूत्रों का यह भी कहना है कि कांग्रेस बिहार में विपक्षी दलों के बीच तालमेल पर भी विचार करेगी, ताकि अगली चुनावी तैयारी पहले से अधिक मजबूत की जा सके। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि मतदाताओं की नाराजगी, संगठनात्मक कमजोरियों और चुनावी अनियमितताओं की वजह से पार्टी को नुकसान हुआ, जिसे अब सुधारने का समय है। कुल मिलाकर, पटना की यह बैठक कांग्रेस के लिए सिर्फ एक साधारण समीक्षा बैठक नहीं है, बल्कि आने वाले महीनों में केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक अभियान की नींव रखने वाली साबित हो सकती है।