Birth Certificate Update के तहत रांची में जन्म प्रमाण पत्र प्रणाली में बड़ा बदलाव लागू किया गया है। अब बच्चों के नाम अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी दर्ज किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था से स्कूल नामांकन, आधार कार्ड, पासपोर्ट और सरकारी योजनाओं में दस्तावेज़ सत्यापन पहले से कहीं आसान हो जाएगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां सेविका-सहायिका और सहिया जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पहचान करती हैं, वहां इस अपडेट से सीधा लाभ मिलेगा।
हालांकि, इस Birth Certificate Update के साथ कुछ तकनीकी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। नगर निगम के पोर्टल में ऑटोमेटिक हिंदी नाम जनरेशन की वजह से कई बार गलत नाम दर्ज हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, Manoj की स्पेलिंग सही होने पर भी हिंदी में नाम "मानोज" दर्ज हो जा रहा है। इससे अभिभावकों को संशोधित प्रमाण पत्र के लिए दोबारा आवेदन करना पड़ता है, जिससे समय और मेहनत दोनों बढ़ जाते हैं।
नगर निगम का कहना है कि समस्या अंग्रेजी अक्षरों के आधार पर स्वतः हिंदी नाम बनने की वजह से आ रही है। इस त्रुटि को दूर करने के लिए तकनीकी टीम तैनात की गई है। अधिकारी बता रहे हैं कि जल्द ही पोर्टल में ऐसा अपडेट किया जाएगा जिससे अभिभावक हिंदी नाम को मैन्युअल रूप से सही कर सकेंगे। साथ ही, गलत नाम वाले प्रमाण पत्रों के त्वरित सुधार के लिए विशेष काउंटर भी शुरू किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जन्म प्रमाण पत्र में हिंदी और अंग्रेजी दोनों नाम होने से भविष्य में दस्तावेज़ों में होने वाली विसंगतियां काफी हद तक खत्म हो जाएंगी। ग्रामीण इलाकों में यह परिवर्तन सबसे बड़ा लाभ देगा, जहां दस्तावेज़ सत्यापन पहले से ही चुनौतीपूर्ण रहता है। यह पहल बच्चों के आधिकारिक रिकॉर्ड को अधिक सटीक और भरोसेमंद बनाएगी।









