स्थान: उत्तर प्रदेश के 6 ब्लॉक्स

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लखनऊ|यूपी के गोंडा जिले के छह विकास खण्डों में तैनात 19 ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा शासन के निर्देशों को दरकिनार कर लाखों रुपये के भुगतान किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। सचिव फंस गए हैं। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यो की कार्ययोजना के सापेक्ष न होकर अन्य माध्यमों से किए गए इन भुगतानों को लेकर डीपीआरओ लालजी दुबे ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐक्शन लिया है। उन्होंने संबंधित सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।प्रकरण परसपुर, छपिया, करनैलगंज, रूपईडीह, वजीरगंज, कटरा बाजार और इटियाथोक विकास खण्डों से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया कि इन ब्लॉकों में तैनात सचिवों ने ग्राम पंचायतों में लगाए गए कंप्यूटर व पंचायत गेट-वे पोर्टल को बाईपास करते हुए अन्य माध्यमों से भुगतान किया जबकि शासनादेश के अनुसार ग्राम पंचायतों में सभी प्रकार के वित्तीय भुगतान अनिवार्य रूप से पंचायत गेट-वे पोर्टल के माध्यम से ही किए जाने हैं, ताकि लेन-देन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। जिन ग्राम पंचायत सचिवों पर अनियमितता के आरोप लगे हैं, इसमें संजय कुमार जायसवाल, दिनेश प्रजापति, विजय गौतम, अभिषेक प्रताप सिंह, हरीश शुक्ल, रंजीत यादव, जितेंद्र गुप्ता, उर्मिलेन्द्र विक्रम तिवारी, बसंत गुप्ता, सत्य प्रकाश यादव, त्र्यम्बकं सिंह, रामदेव, विंध्यवासिनी भारती, राजीव यादव, राधेरमण प्रजापति, विजय प्रकाश सिंह और सुनील कुमार राम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन सचिवों ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये का भुगतान नियमों के विपरीत किया गया।पंचायत गेट-वे पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 16 अक्टूबर 2025 से 30 नवम्बर 2025 के बीच जनपद की 30 ग्राम पंचायतों में भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई थी। लेकिन जांच के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि कुछ पंचायतों में इस निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। परसपुर के ग्राम पंचायत सालपुर धौताल में कुल 34 लेन-देन किए गए, जिनकी कुल धनराशि लगभग 6.17 लाख रुपये बताई जा रही है। बहुवन मदार माझा 57 लेन देन के जरिए 12.05 लाख, नरायनपुर मर्दन में पांच लेन देन में 3.81 लाख और चरौहवा गांव में दस लेन देन में 1.97 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। यह सभी भुगतान पंचायत गेट-वे पोर्टल के माध्यम से न होकर अन्य रास्तों से किए गए, जो सीधे तौर पर शासनादेशों का उल्लंघन है।यूपी पंचायत चुनाव: 1192 ग्राम पंचायतों में 10 लाख से ज्यादा डुप्लीकेट मतदाताये UP पंचायत चुनाव से पहले इन ग्राम पंचायतों में सामने आया लाखों का खेल, जांच शुरू डीपीआरओ लालजी दुबे ने बताया कि नियम विरुद्ध भुगतान के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सचिवों को तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।