छात्रों के लिए बड़ी खबर! मैट्रिक-इंटर परीक्षा 2025 के नए नियम लागू, अब JSSC परीक्षा के लिए भी बदल गया पूरा प्रोसेस

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झारखंड में मैट्रिक और इंटरमीडिएट स्तरीय भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने JSSC Exam Process को लेकर संशोधित नियमावली 2025 अधिसूचित कर दी है, जिसे मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद लागू कर दिया गया है। यह नियमावली मैट्रिक स्तर, इंटरमीडिएट स्तर और कंप्यूटर ज्ञान व हिंदी टाइपिंग अहंता वाले पदों पर लागू होगी।

संशोधित नियमों के अनुसार अब सभी संबंधित परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित होंगी, जिसमें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा शामिल है। हालांकि यदि किसी परीक्षा में आवेदकों की संख्या 50 हजार से कम रहती है, तो प्रारंभिक परीक्षा नहीं ली जाएगी और सीधे मुख्य परीक्षा कराई जा सकती है। वहीं, 50 हजार से अधिक आवेदक होने पर भी प्रारंभिक परीक्षा कराने या न कराने का अंतिम निर्णय JSSC के पास सुरक्षित रहेगा।

प्रारंभिक परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) पर आधारित होगी और इसकी अवधि दो घंटे निर्धारित की गई है। परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी। प्रत्येक सही उत्तर पर तीन अंक मिलेंगे, जबकि गलत उत्तर पर एक अंक की कटौती होगी। कुल 120 अंकों की परीक्षा में सामान्य अध्ययन के 30 अंक, झारखंड राज्य से संबंधित ज्ञान के 60 अंक, सामान्य गणित, सामान्य विज्ञान और मानसिक क्षमता जांच के 10-10 अंक निर्धारित किए गए हैं।

प्रारंभिक परीक्षा के अंकों के आधार पर मेधा सूची तैयार कर कुल रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया जाएगा। आरक्षित वर्गों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। न्यूनतम अर्हता अंक भी वर्गवार तय किए गए हैं, जिसमें अनारक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत और विभिन्न आरक्षित वर्गों के लिए 30 से 36.5 प्रतिशत तक अंक निर्धारित हैं।