शिवपुरी । मध्य प्रदेश के मुख्यालय शिवपुरी (Shivpuri) पर आयोजित जनसुनवाई उस समय हंगामेदार हो गई, जब दोनों पैरों से दिव्यांग युवक (disabled youth) अशफाक खान बैटरी वाली ट्राइसाइकिल की मांग को लेकर अधिकारियों पर भड़क उठा। युवक ने जनसुनवाई कक्ष में पहुंचते ही कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारियों पर दो सालों से टालमटोल और असुनवाई के गंभीर आरोप लगाए। अशफाक खान का कहना है कि वह पिछले दो साल से बैटरी वाली ट्राइसाइकिल के लिए जनसुनवाई, सामाजिक न्याय विभाग और अन्य दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे सिर्फ आश्वासन ही मिले। जनसुनवाई में नाराजगी जताते हुए उसने कहा कि 2026 में बैटरी ट्राइसाइकिल देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन साल आ जाने के बावजूद उसे आज तक साधन नहीं मिला। हंगामा बढ़ता देख निचले कर्मचारियों ने अशफाक को चल रही जनसुनवाई के कक्ष से बाहर ले गया। बाहर आकर भी युवक ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मदद की गुहार लगाई। उसने आरोप लगाया कि गरीब और बीपीएल कार्डधारी होने के बावजूद उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।दिव्यांग युवक ने कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी पर भी असुनवाई का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने तक की मांग कर डाली।उसका कहना था कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसे पूरे साल 2025 में बार-बार जनसुनवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े, जिससे ऑटो से आने-जाने में उसका आर्थिक बोझ भी बढ़ा। वहीं सामाजिक न्याय विभाग की ओर से सफाई देते हुए कहा गया कि अशफाक खान का आवेदन स्वीकृत हो चुका है और उसे 7 अक्टूबर 2026 को बैटरी वाली साइकिल उपलब्ध करा दी जाएगी।फिलहाल कलेक्टर द्वारा उसे साधारण ट्राइसाइकिल देने की बात कही गई थी, लेकिन आवेदक बैटरी वाली ट्राइसाइकिल की मांग पर अड़ा हुआ है। अशफाक खान ने बताया कि डॉक्टर द्वारा स्पष्ट रूप से बैटरी वाली साइकिल देने की संस्तुति की गई है।वह दोनों पैरों से पूरी तरह विकलांग है, चलने-फिरने में असमर्थ है और किसी प्रकार का रोजगार भी नहीं कर पाता।इसके बावजूद अब तक उसे जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध नहीं कराया गया।
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