जयपुर|राजस्थान में अलवर जिले के एक गांव में इन दिनों उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदियों की शादी काफी चर्चा में है। दुल्हन बनी 34 साल की प्रिया सेठ और दूल्हा हनुमान प्रसाद शुक्रवार को विवाह बंधन में बंध गए। प्रिया सेठ कोई आम दुल्हन नहीं है। वह जयपुर के सबसे भयानक अपराधों में से एक टिंडर सूटकेस मर्डर केस की मुख्य आरोपी है। इस हत्याकांड में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।प्रिया सेठ एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रिया को अपने उम्रकैद की सजा पाए हनुमान प्रसाद से शादी करने के लिए 15 दिन की पैरोल मिली है। प्रिया और हनुमान प्रसाद की मुलाकात राजस्थान की सांगानेर ओपन जेल में हुई थी और वहीं उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया था। जेल की दीवारों के पीछे शुरू हुआ उनका रिश्ता अब शादी में बदल गया है। हालांकि, इस शादी से लोगों में गुस्सा है और उस अपराध की यादें ताजा हो गई हैं जिसने कभी पूरे देश को दहला दिया था।हत्यारों ने आखिरी वक्त पर बदली शादी की जगह, जयपुर पहुंचे दूल्हा-दुल्हन
एक ऐसा रिश्ता जो परफेक्ट लग रहा था
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 वर्षीय एक युवा बिजनेसमैन दुष्यंत शर्मा की 2018 की शुरुआत में टिंडर पर प्रिया सेठ से मुलाकात हुई थी। उनके बीच हफ्तों तक बातचीत चली। दोनों ने ही अपने सपनों, जिंदगी और प्यार के बारे में खूब बातें कीं। दुष्यंत को लगा कि उसे सही साथी मिल गया है। लेकिन, प्रिया एक खौफनाक खेल खेल रही थी।दुष्यंत शर्मा इस बात से अंजान था कि प्रिया अपने पार्टनर दिक्षांत कामरा के साथ रह रही थी और उस पर 21 लाख रुपये के कर्ज में डूबा हुआ था। दोनों ने मिलकर फिरौती के लिए दुष्यंत की किडनैपिंग का प्लान बनाया। दुष्यंत, जो ऑनलाइन खुद को एक अमीर कारोबारी बताता था, उनके लिए एकदम सही टारगेट लग रहा था।योजना के तहत प्रिया ने दुष्यंत को जयपुर के बजाज नगर में अपने किराये के फ्लैट पर मिलने बुलाया। ऑनलाइन जान-पहचान होने के चलते दुष्यंत भी उस भरोसा कर मिलने पहुंच गया, लेकिन फिर कभी वह बाहर नहीं आया।
जाल बंद फंसा
दुष्यंत जैसे ही फ्लैट में घुसा प्रिया और उसके पार्टनर ने उसे काबू कर बांध दिया और बंधक बना लिया। इसके बाद उन्होंने अपने एक और साथी लक्ष्य वालिया के साथ मिलकर दुष्यंत के परिवार से 10 लाख रुपये की मांगी। आरोपियों ने फिरौती के लिए उसके पिता को फोन कॉल कर डराया।दुष्यंत ने कॉल पर गुहार लगाई, “पापा, ये मुझे मार देंगे। प्लीज उन्हें 10 लाख रुपये दे दो”दुष्यंत का परिवार काफी को प्रयास के बावजूद सिर्फ 3 लाख रुपये ही जुटा पाया। रकम ट्रांसफर भी गर दी गई, लेकिन यह रकम काफी नहीं थी। पकड़े जाने के डर से और अपने शिकार को छोड़ने के लिए तैयार नहीं होने पर आरोपियों ने उसे हमेशा के लिए चुप कराने का फैसला किया।
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क्रूर ढंग से किया मर्डर
इसके बाद जो हुआ वह बहुत ही डरावना था। हत्यारों ने उन्होंने दुष्यंत का गला दबाया, तकिए से उसका दम घोंटा। इसके बाद भी उन्हें दुष्यंत में कुछ जान बाकी दिखी तो उसे बार-बार चाकू मारा और उसका गला काट दिया। फिर उसके शव को एक सूटकेस में भरकर जयपुर के बाहरी इलाके के एक गांव में फेंक दिया गया।पुलिस को कुछ दिनों बाद जब सूटकेस मिला, तो उस भयानक मंजर ने पूरे देश-प्रदेश को चौंका दिया। यह मामला खूब सुर्खियों में रहा, जिससे डेटिंग-ऐप की सुरक्षा, भरोसे और डिजिटल युग के अपराधों के बढ़ते खतरे पर बहस छिड़ गई।
कबूलनामा और उम्रकैद
गिरफ्तारी के बाद, प्रिया सेठ ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि "दुष्यंत ने अपने बारे में झूठ बोला था। उसने खुद को अमीर बताया था। हमें पैसों की जरूरत थी, इसलिए हमने उसके अपहरण और हत्या की योजना बनाई।"जयपुर की एक अदालत ने 2023 में उसे और उसके साथियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने हत्याकांड को ठंडे दिमाग से की गई सोची-समझी और क्रूर हत्या बताया।इसके बाद प्रिया को राजस्थान के जेल सुधार सिस्टम का हिस्सा सांगानेर ओपन जेल में भेज दिया गया, जहां चुनिंदा कैदी कम पाबंदियों वाली स्थितियों में रहते हैं और दिन में काम करते हैं।यहीं, जेल की आजादी की पतली दीवारों के पीछे, किस्मत ने एक और हैरान करने वाला मोड़ लिया।
जेल की दीवारों के पीछे परवान चढ़ा इश्क
ओपन जेल में ही प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद की मुलाकात हुई। हनुमान भी चार लोगों की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहा है। उसे अलवर में मृतक की पत्नी के साथ अफेयर के बाद महिला के पति, तीन बेटों और एक भतीजे की हत्या का दोषी ठहराया गया था।दो हत्यारों की यह महीनों चलीं मुलाकात जल्द ही दोस्ती और फिर एक शादी से रिश्ते में बदल गई।राजस्थान हाईकोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में जेल अधिकारियों को उनकी पैरोल की अर्जियों पर जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया था। पैरोल कमेटी ने उन दोनों की शादी के लिए 15 दिन की टेम्पररी रिहाई को मंजूर दे दी। इसके बाद दोनों 24 जनवरी 2026 को तय कार्यक्रम के अनुसार शादी के बंधन में बंध गए।हालांकि, इस शादी ने लोगों के बीच जोरदार बहस छेड़ दी है। कुछ लोगों के लिए यह शादी सुधरने का दूसरा मौका है। लेकिन दुष्यंत शर्मा के दुखी परिवार के लिए यह भयानक है और अपने खोए हुए बेटे की एक दर्दनाक याद दिलाता है।दुष्यंत के परिवार ने पैरोल के आदेश को चुनौती देने की ठानी है। उनका कहना है कि उन्हें इस बारे में सूचना नहीं दी गई था। उन्होंने कहा कि जब हत्या के दोषी, भले ही कुछ समय के लिए, जिंदगी के अहम पलों का जश्न मनाने के लिए आजाद घूमते हैं, तो न्याय अधूरा लगता है।








