जयपुर| राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन बुधवार को सदन के बाहर और भीतर सियासी तापमान चरम पर रहा। मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा गेट पर अलग अंदाज में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक गैंती, तगारी और फावड़े लेकर विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।कांग्रेस विधायकों का कहना था कि राज्य सरकार मनरेगा जैसी गरीबों और मजदूरों से जुड़ी योजना को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान विधानसभा गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने विधायकों को रोक लिया और नियमों का हवाला देते हुए गैंती-फावड़े के साथ अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कांग्रेस नेता बिना औजारों के विधानसभा परिसर में दाखिल हुए।इधर, सदन के भीतर भी कमीशनखोरी के आरोपों को लेकर सियासी हलचल देखने को मिली। भरतपुर जिले के बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ‘CBI जांच की मांग’ लिखी साड़ी पहनकर विधानसभा पहुंचीं। बनावत पर हाल ही में कमीशनखोरी के आरोप लगे थे। उनके अलावा विधायक रेवंतराम डांगा और अनिता जाटव भी कथित तौर पर कमीशन की डील करते कैमरे में कैद हुए थे।विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए ऋतु बनावत ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में यह पहली बार है जब विधायकों पर खुलेआम कमीशनखोरी के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। अगर मैं दोषी हूं तो सजा मिले और अगर नहीं हूं तो सच्चाई सामने आए।”इस बीच, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिभाषण के साथ बुधवार सुबह राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई। राज्यपाल ने करीब 1 घंटे 21 मिनट तक सदन में अभिभाषण पढ़ा। अपने भाषण में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का विस्तृत उल्लेख किया।राज्यपाल ने कहा कि यमुना का पानी राजस्थान तक लाने के लिए डीपीआर अंतिम चरण में है। इंदिरा गांधी नहर तंत्र के जीर्णोद्धार पर अब तक 2800 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और इससे जुड़ी सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।उन्होंने कहा कि राजस्थान निवेशकों के लिए देश की पहली पसंद बनकर उभरा है। राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हुए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपए का निवेश अब धरातल पर उतर चुका है। राज्यपाल ने कानून व्यवस्था और उद्योग फ्रेंडली माहौल को इसकी बड़ी वजह बताया।राज्यपाल ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार ने 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक की पेंशन वितरित की है। वहीं, राशन की ‘गिव अप योजना’ के तहत 35 लाख सक्षम लोगों ने स्वेच्छा से लाभ छोड़ दिया है, जिससे जरूरतमंदों तक योजनाओं का फायदा पहुंचाया जा रहा है।युवाओं के लिए सरकार ने एक लाख नई भर्तियों का कैलेंडर जारी किया है। राज्यपाल ने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं में उत्साह का संचार हुआ है। खेलों के क्षेत्र में भी राजस्थान ने नई पहचान बनाई है। बिहार में हुए ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 24 स्वर्ण पदक सहित कुल 60 पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।राज्यपाल ने बताया कि राजस्थान की पहली रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना पर 63,500 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं और यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है। गैस पाइपलाइन के जरिए घर-घर कुकिंग गैस पहुंचाने के लिए नई कंपनी बनाई गई है और अप्रैल से दिसंबर तक 53 हजार से ज्यादा नए घरेलू कनेक्शन दिए गए हैं।अभिभाषण के बाद विधानसभा में अभिनेता धर्मेंद्र, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी सहित 21 दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।बजट सत्र के पहले ही दिन हुए इन घटनाक्रमों से साफ है कि आने वाले दिनों में विधानसभा में तीखी बहस और हंगामे के आसार बने रहेंगे।








