एमपी में गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू, 7 मार्च आख़िरी तारीख

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भोपाल। मध्य प्रदेश में आज से गेहूं के उपार्जन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है. किसान 7 मार्च 2026 तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की बंपर खरीदी की उम्मीद है. केंद्र सरकार ने साल 2026-27 के लिए गेहूं का एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है।

CM मोहन यादव ने क्या कहा?

सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि सशक्त किसान, समृद्ध मध्यप्रदेश. आज 7 फरवरी से गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू हो रहा है. अंतिम तिथि 7 मार्च है. अन्नदाताओं की सुविधा के लिए राज्य भर में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं. मध्य प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी, किसानों की मेहनत का मिले पूरा मोल।

गेहूं उपार्जन के लिए निशुल्क पंजीयन कैसे करें?

गेहूं उपार्जन के लिए निशुल्क पंजीयन व्यवस्था की गई है. इसके लिए ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में सुविधा केंद्र बनाए गए हैं. सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर किसान निशुल्क रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. किसान अपने मोबाइल से ई-उपार्जन पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

कहां से रजिस्ट्रेशन के लिए लगेंगे 50 रुपये?

यदि किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे से गेहूं उपार्जन के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो निर्धारित शुल्क देना होगा. हर पंजीयन के लिए 50 रुपये शुल्क होगा।

किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी?

गेहूं उपार्जन के रजिस्ट्रेशन के लिए किसानों को इन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी आधार कार्ड जरूरी दस्तावेज है, जिसे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए।

भूमि को प्रमाणित करने वाली किताब होनी चाहिए

बैंक अकाउंट की पासबुक होना जरूरी है. अगर बैंक अकाउंट, आधार कार्ड से लिंक नहीं है तो पैसे आने में देरी हो सकती है।