कोटा में बड़ा हादसा: तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने से 2 की मौत, मलबे में दबे 10 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला गया

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कोटा: शिक्षा की नगरी कहे जाने वाले कोटा से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां शनिवार देर रात एक रेस्टोरेंट की बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई. इस दर्दनाक हादसे में एक कोचिंग छात्र समेत 2 की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए हैं. घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है. घायलों में से 6 लोगों की हालत गंभीर बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट की बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. इस हादसे में मलबे में दबने से 2 की मौत हो गई है.

​मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा कोटा के व्यस्त इलाके जवाहर नगर थाना क्षेत्र के इंद्र विहार में ओपेरा हॉस्पिटल के नजदीक हुआ. रात के समय जब रेस्टोरेंट में चहल-पहल थी, तभी अचानक तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा ढह गया. धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई. मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट चल रहे थे, जिनमें नॉन-वेज रेस्टोरेंट प्रमुख था. नीचे दुकानों में ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे, साथ ही बाहर बाइक पार्किंग एरिया में बैठे कुछ लोग भी प्रभावित हुए है. घटना के समय तेज आवाज आई, जिसे कुछ लोगों ने ब्लास्ट जैसी बताया और पूरी इमारत ढह गई.

​अस्पताल प्रशासन की पुष्टि : ​मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है. डॉ. शर्मा ने बताया कि अस्पताल में कुल 11 लोगों को लाया गया था, जिनमें से एक छात्र को मृत घोषित कर दिया गया है. डॉ. शर्मा के अनुसार मृतक छात्र की पहचान प्रारंभिक तौर पर अरण्य के रूप में की गई है. हालांकि, छात्र के पास से फिलहाल कोई आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसके पूर्ण विवरण की पुष्टि की जा सके. प्रशासन उसके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है.

​देर रात बढ़ गया मौत का आंकड़ा : ​शुरुआती जानकारी में कई लोग घायल बताए जा रहे थे, लेकिन मलबे से निकाले जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई. देर रात एक और की मौत की खबर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला. घायलों में से कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.

रेस्क्यू ऑपरेशन और मौके पर स्थिति: सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, नगर निगम की टीमें, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की कंपनियां मौके पर पहुंच गईं. रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है. सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है. सूचना मिलते ही विधायक संदीप शर्मा और वर्तमान महापौर राजीव अग्रवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे. संदीप शर्मा ने बताया कि बिल्डिंग तीन मंजिला थी और गिरने के सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं. हालांकि, पास में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ हो सकता है. उन्होंने राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं.

घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और लोगों को नजदीक जाने से रोका. अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में कुछ दिक्कत आ रही थी, लेकिन लाइटिंग और अतिरिक्त टीमों के साथ राहत एवं बचाव कार्य किया गया. एक प्रत्यक्षदर्शी आदित्य विजय ने बताया कि बिल्डिंग एकाएक ढह गई, कुछ लोगों को तुरंत निकाला गया, जबकि कई भागकर बच गए. प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और इलाके से दूर रहने की अपील की है. हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है.

घटना की जानकारी मिलने पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर में मौके पर पहुंचे. उन्होंने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली. मौके पर आसपास के इलाकों की बिजली सप्लाई रोक दी गई है. साथ ही करीब एक दर्जन से ज्यादा बुलडोजर मंगाकर रेस्क्यू किया जा रहा है. फंसे हुए लोगों को निकालने का काम तेजी किया जा रहा है.

मौके पर जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम सहित पूरा प्रशासन का अमला पहुंचा. इसके साथ ही भारी भीड़ को रोकने के लिए भी पुलिस जाप्ता भी तैनात किया गया है. जिला कलेक्टर पियूष समरिया के निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह सहित आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. परिवहन अधिकारियों ने तत्काल क्रेन और बुलडोजरों को मंगाया है. बताया जा रहै है पास में ही एक दूसरी दुकान के निर्माण के चलते ये हादसा हुआ है. पास की दुकान को पूरी तरह से खोदकर तोड़ दिया गया था, जिससे हादसे की संभावना जताई जा रही है.