इंदौर: केंद्रीय बजट के बाद 18 फरवरी को मध्य प्रदेश की विधानसभा में राज्य का बजट प्रस्तुत किया जाएगा. इस पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने शनिवार को इंदौर में बड़ी बात कही. उन्होंने कहा, "राज्य का बजट तैयार करने में विषय विशेषज्ञ को भी शामिल करने की आवश्यकता है. विषय विशेषज्ञों के साथ चर्चा करके बजट बनाया जाएगा, साथ ही जरूरत के मुताबिक और जनकल्याणकारी मामलों पर नीति के अनुसार फैसले लिए जाएंगे.
जनहितैषी होगा राज्य का आगामी बजट
इंदौर के नायता मुंडला स्थित ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन द्वारा आयोजित 3 दिवसीय ग्रीन एक्स प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पहुंचे. यहां उन्होंने कहा, "प्रदेश का बजट आगामी 18 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा. केंद्रीय बजट की तरह ही प्रदेश बजट के पूर्व आम जनता के सुझाव लिए गए हैं. साथ ही बजट के संबंध में विषय विशेषज्ञों और अनुभवी लोगों से चर्चा की गई है. इस बार का बजट अच्छा और जनहितैषी आएगा."
केंद्रीय जीएसटी काउंसिल में रखेंगे बात
इस मौके पर ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, सुमित मिश्र सहित अनिल गुप्ता, सौरव राठी, उत्तम कटारिया विशेष रूप से उपस्थित थे. डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा, "इस तरह के आयोजन से दाल मिल मालिकों और व्यापारियों को एक नई दिशा मिल सकेगी." उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में दलहन पर लगने वाले अधिकतम जीएसटी और मंडी शुल्क संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए इसे केंद्रीय जीएसटी काउंसिल के समक्ष रखा जाएगा. साथ ही इस विषय पर प्रदेश के सभी दलहन उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ चर्चा की जाएगी."
लिखित में दें अपनी मांगें
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने दाल मिल एसोसिएशन के पदाधिकरियों से कहा कि वे अपनी मांगों को लिखित में दें. साथ ही उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और मशीनों के बारे में उद्योगपतियों से जानकारी प्राप्त की. दाल मिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों से संवाद किया. कार्यक्रम को पूर्व महापौर मोघे ने भी सम्बोधित किया.
हाईटेक मशीनों का हुआ प्रदर्शन
दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा, "यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय स्तर का है, यहां इंग्लैण्ड, चीन, कनाड़ा, ताईवान, तुर्किए, स्पेन आदि देशों की अत्याधुनिक और टेक्नोलॉजी से लैस मशीनें प्रदर्शित की गई हैं. जिनकी कीमत 2 लाख रुपए से लेकर 4 करोड़ रुपए तक है. इस आयोजन में मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों के दाल मिल मालिक और व्यापारी गण शामिल हुए.









