जहां वेज-नॉनवेज एकसाथ बने वहां शादी नहीं होगी, नॉनवेज होटलों के खिलाफ जैन समाज का शंखनाद

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जबलपुर : देश में लोग तेजी से शाकाहार की तरफ बढ़ रहे हैं, भारत पहले ही दुनिया में सबसे ज्यादा शाकाहारियों वाला देश है. वहीं अब मध्य प्रदेश के जबलपुर का जैन समाज लोगों को जागरुक करने की एक बड़ी पहल कर रहा है. जबलपुर के जैन समाज की पंचायत ने फैसला लिया है कि शहर के नॉन वेज होटलों को पूरी तरह से बॉयकॉट किया जाएगा. ऐसे होटल या बरात घर जहां वेज और नॉनवेज दोनों बनते हैं, वहां शादी या किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं किया जाएगा.

 

जैन शादियों को लेकर नए नियम

जबलपुर के टेलीकॉम फैक्ट्री मैदान में जैन समाज का एक धार्मिक आयोजन चल रहा है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जबलपुर और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों से लोग जबलपुर पहुंचे हैं. इसी कार्यक्रम के दौरान जैन शादियों को लेकर ये फैसले लिए गए हैं. तय किया गया है कि वेज होटल का प्रमाणीकरण भी जैन समाज करेगा. इसके साथ ही शादी समारोह दिन में होंगे और महिला संगीत में कोरियोग्राफर नहीं बुलााए जाएंगे. इस मॉडल को देशभर में लागू करने की बात कही जा रही है.

 

जहां जीव हत्या, वहां भोजन या शादी पाप

इस आयोजन में जैन मुनि प्रमाण सागर जी आम लोगों के सवालों का जवाब दे रहे थे. इसी दौरान यह सवाल आया कि हम जिन होटलों में खाना खाते हैं, वहां यदि शाकाहारी और मांसाहारी भोजन एक ही किचन में बनता है तो क्या हमें वहां शाकाहारी भोजन खाना चाहिए? प्रमाण सागर जी महाराज ने कहा, '' ऐसी जगह भोजन कतई नहीं करना चाहिए.'' इसी के बाद यह सवाल उठा की क्या ऐसी जगह पर शादी का आयोजन होना चाहिए? इसके जवाब में भी प्रमाण सागर जी ने कहा, '' शादी एक धार्मिक आयोजन है और इसे भी ऐसे स्थान पर नहीं किया जाना चाहिए जहां पर जीवों की हत्या की जा रही हो.'' हिंदू धर्म में भी सभी संत इस बात पर जोर देते रहे हैं कि जिस घर, स्थान या होटल में शाकाहारी व मांसाहारी भोजन एक साथ बनता हो, वहां भूलकर भी भोजन नहीं करना चाहिए, ऐसा भोजन मांसाहार के समान ही होता है.

 

मांसाहारी होटल और बारात घरों के खिलाफ शपथ

जैन समाज के 10 हजार लोगों ने एकसाथ शपथ ली है कि जिन होटलों में और बारात घरों के किचन में शाकाहार और मांसाहार भोजन एकसाथ बनाया जाता है, वहां कोई भी शादी नहीं करेगा और इस नियम को जल्द पूरे देश में लागू कराया जाएगा.

 

महिला संगीत में कोरियोग्राफर नहीं, दिन में शादी

इसी आयोजन में इस बात पर भी शपथ ली गई कि जैन शादियां अब रात में नहीं बल्कि दिन में आयोजित की जाएंगी. मुनि प्रमाण सागर जी ने लोगों से इस बात की अपील भी की है कि महिला संगीत में अब कोरियोग्राफर नहीं बुलाए जाएं बल्कि महिला संगीत परंपरागत तरीके सादगी और नृत्य के साथ आयोजित हो.