पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की पुस्तक को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस 

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के प्रकाशन से पहले कथित रूप से लीक होने के मामले में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस दे दिया है। नोटिस के माध्यम से दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने कई सवालों के जवाब मांगे हैं और प्रकाशन गृह के प्रतिनिधियों को जांच में सहयोग देने का आदेश दिया है। इसके पहले, विशेष प्रकोष्ठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की पुस्तक के छपने से पहले कथित रूप से लीक होने के संबंध में मामला दर्ज हुआ था।
2020 में गलवान घाटी संघर्ष की घटनाओं का वर्णन करती पूर्व सेना प्रमुख की पुस्तक के कथित रूप से लीक होने पर मचे बवाल के बीच पेंगुइन को नोटिस दिया गया है। इस मामले पर स्पष्टीकरण देकर पेंगुइन इंडिया ने कहा कि किसी पुस्तक की घोषणा या उसके प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होने को प्रकाशन नहीं मनाना चाहिए। यह स्पष्टीकरण लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा नरवणे के 2023 के सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देने के बाद आया, इसमें उन्होंने कहा था कि उनकी आत्मकथा फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी अभी उपलब्ध है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया में पुस्तक प्रकाशन कैसे काम करता है, इस पर एक संक्षिप्त गाइड शीर्षक वाले बयान में प्रकाशक ने कहा, घोषित पुस्तक, प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध पुस्तक और प्रकाशित पुस्तक एक ही चीज नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब किसी पुस्तक की घोषणा की जाती है, तब इसका मतलब केवल यह है कि प्रकाशक ने भविष्य में इस पुस्तक को प्रकाशित करने की योजना साझा की है और यह पुस्तक अभी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
इसी प्रकार, पुस्तक के लिए प्री-ऑर्डर लिस्टिंग एक मानक उद्योग प्रथा है, जो पाठकों और खुदरा विक्रेताओं को प्रकाशन से पहले अग्रिम ऑर्डर देने की अनुमति देती है। बयान में कहा गया है कि ऐसी लिस्टिंग यह संकेत नहीं देती कि पुस्तक प्रकाशित या उपलब्ध है। प्रकाशक ने कहा कि निर्धारित प्रकाशन तिथि एक नियोजित रिलीज़ समयरेखा को दर्शाती है और इसका मतलब यह नहीं है कि पुस्तक पहले से ही बाजार में है।