ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादलों पर सदन में तीखी नोकझोंक

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जयपुर|विधानसभा में ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादलों का मुद्दा गुरुवार को गरमा गया। इस दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। जूली ने कहा कि बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए तबादला नीति लाने का वादा किया था और अब शिक्षा मंत्री सदन में मना कर रहे हैं कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला नहीं किया जा सकता। इस पर सदन में हंगामा हो गया।दरअसल यह सवाल भाजपा विधायक गोविंद प्रसाद ने प्रश्नकाल में सरकार से पूछा था। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादलों पर तब ही विचार किया जाएगा, जब नई तबादला नीति अंतिम रूप ले लेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रशासनिक सुधार विभाग ने तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। हालांकि विभागीय आवश्यकता के आधार पर सक्षम स्तर की मंजूरी के बाद तबादले किए जा सकते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत 14 अगस्त 2024 को स्वीकृति मिलने के बाद कुछ तबादले किए गए थे।दिलावर ने कहा कि ग्रेड थर्ड शिक्षकों के जिलों से बाहर तबादले का कोई नियमित प्रावधान नहीं है। वर्ष 2018 में तत्कालीन सरकार ने एक कटऑफ तिथि निर्धारित कर विशेष परिस्थितियों में तबादले किए थे, जिनमें वरिष्ठता प्रभावित होने पर शिक्षकों से अंडरटेकिंग भी ली गई थी।इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाया कि सरकार को बने सवा दो साल से अधिक समय हो चुका है, फिर भी तबादला नीति तैयार नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ग्रेड थर्ड शिक्षकों को गुमराह कर रही है और अपने चुनावी घोषणा पत्र के वादे पूरे नहीं कर रही।जवाब में शिक्षा मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने 2018 में 2200 से अधिक ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादले किए थे, जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में एक भी तबादला नहीं किया गया। उन्होंने दोहराया कि नई तबादला नीति प्रक्रियाधीन है और उसके अंतिम रूप लेने के बाद आगे निर्णय किया जाएगा।