नकली आरटीओ ई-चालान एपीके से बैंक खाते साफ! सूरत में जामताड़ा गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार

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सूरत| आज के डिजिटल युग में साइबर अपराधी नई-नई मॉडस ऑपरेंडी अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। गुजरात के सूरत में साइबर क्राइम सेल ने कुख्यात जामताड़ा से जुड़े गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों के मोबाइल पर फर्जी आरटीओ ई-चालान की एपीके फाइल भेजकर उनके बैंक खाते खाली कर रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सएप पर ‘डिजिटल आरटीओ ई-चालान.एपीके’ नाम की फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई यूजर इस फाइल को डाउनलोड करता, उसका मोबाइल हैक हो जाता। यह मालवेयर मोबाइल के मैसेज, कॉन्टैक्ट और गैलरी की परमिशन हासिल कर लेता था, जिससे ठग सीधे ओटीपी पढ़ लेते और बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे। एक मामले में शिकायतकर्ता के बेटे ने जैसे ही यह फाइल डाउनलोड की, उसके खाते से टुकड़ों में कुल 5 लाख 02 हजार 562 रुपये निकाल लिए गए।
गिरफ्तार आरोपियों ने चुराए गए पैसों को क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के जरिए ठिकाने लगाने का तरीका अपनाया था। इसके बाद रकम को नकद या सीडीएम मशीन के माध्यम से मुख्य सरगनाओं तक पहुंचाया जाता था। इस काम के बदले वे 10 प्रतिशत कमीशन लेते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक सिविल इंजीनियर और एक बी.कॉम ग्रेजुएट शामिल है। कम समय में ज्यादा पैसे कमाने की लालच में ये शिक्षित युवा अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का हिस्सा बन गए। पुलिस जांच में अश्विन गांगाणी के कार्यालय से 227 क्रेडिट कार्ड, दो POS मशीनें और 92 लाख 53 हजार 663 रुपये के ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड बरामद हुआ है। पुलिस ने इस मामले में राजकोट के निशीत नथवाणी, झारखंड के जामताड़ा के गौतम मंडल और सूरत के अश्विन नरसिंहभाई को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान एपीके फाइल या लिंक को डाउनलोड करने से बचें और संदिग्ध संदेशों की तुरंत शिकायत करें।