ED: टीना अंबानी दूसरी बार ईडी के समन पर नहीं हुईं पेश, अमेरिका से जुड़ी संपत्ति को लेकर होनी है पूछताछ

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रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी की पत्नी और पूर्व अभिनेत्री टीना अंबानी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर मंगलवार को लगातार दूसरी बार पेश नहीं हुईं। धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले 10 फरवरी को भी वह संघीय जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुई थीं, जिसके बाद उन्हें नया नोटिस भेजा गया था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्होंने अनुपस्थित रहने का कोई कारण जांच अधिकारी को बताया है या नहीं। ईडी सूत्रों का कहना है कि उन्हें पूछताछ के लिए नई तारीख दी जा सकती है।जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि टीना अंबानी के पेश होने पर उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी और उनका बयान धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया जाएगा। इसी मामले में 66 वर्षीय अनिल अंबानी को भी रिलायंस समूह की विभिन्न कंपनियों और उनसे जुड़े बैंक ऋण मामलों की जांच के सिलसिले में बुधवार को दूसरी बार पेश होने को कहा गया है। वह पहली बार अगस्त 2025 में ईडी के सामने उपस्थित हुए थे।

अमेरिकी संपत्ति सौदे की जांच

सूत्रों के मुताबिक, टीना अंबानी को न्यूयॉर्क के मैनहैटन इलाके में स्थित एक लग्जरी आवासीय अपार्टमेंट की खरीद से जुड़े धन के स्रोत की जांच के लिए बुलाया गया है। इस मामले में ईडी ने हाल ही में रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि न्यूयॉर्क स्थित यह संपत्ति वर्ष 2023 में कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के दौरान गर्ग ने धोखाधड़ी से बेच दी थी। बताया जाता है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने वर्ष 2025 में शेयर बाजार को इस संदिग्ध बिक्री की जानकारी दी थी।

विदेशी लेनदेन पर संदेह

ईडी के अनुसार, इस संपत्ति की बिक्री से प्राप्त 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 69.55 करोड़ रुपये) की राशि अमेरिका से दुबई स्थित एक इकाई को कथित फर्जी निवेश के नाम पर भेजी गई थी। एजेंसी का यह भी दावा है कि उस इकाई पर पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति का नियंत्रण था।

विशेष जांच दल गठित

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ईडी ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों की जांच के लिए हाल ही में एक विशेष जांच दल गठित किया है। एजेंसी अब तक जांच के तहत लगभग 12,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है और समूह की कंपनियों के खिलाफ तीन प्रवर्तन प्रकरण सूचना रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है।