पन्ना में पहली बार होगी संयुक्त हीरा नीलामी, तीन साल बाद रफ्तार पकड़ेगा कारोबार

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पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हीरा कारोबार को नई गति मिलने जा रही है। देश की एकमात्र मशीनीकृत हीरा खदान संचालित करने वाली कंपनी नेशनल मिनरल डेवलप्मेंट कारपोरेशन (एनएमडीसी) की मझगवां स्थित हीरा परियोजना और उथली खदानों से प्राप्त हीरों की पहली बार संयुक्त नीलामी पन्ना में आयोजित की जाएगी। यह बहुप्रतीक्षित नीलामी 15 से 30 मार्च के बीच नव-निर्मित हीरा कार्यालय परिसर में प्रस्तावित है। 
अब तक एनएमडीसी की खदानों और उथली खदानों के हीरों की नीलामी अलग-अलग आयोजित होती रही है, लेकिन पहली बार दोनों स्रोतों के हीरे एक ही मंच पर नीलाम होंगे। इससे स्थानीय व्यापारियों और बड़े खरीदारों को एक ही स्थान पर विविध श्रेणी के हीरे उपलब्ध हो सकेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त नीलामी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। खनन दोबारा शुरू होने और अब संयुक्त नीलामी के आयोजन से पन्ना के हीरा उद्योग में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।

एकमात्र मशीनीकृत हीरा खदान 
एनएमडीसी की मझगवां हीरा परियोजना देश की इकलौती मशीनीकृत हीरा खदान है, जहां अत्याधुनिक अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित है। संयुक्त नीलामी को ध्यान में रखते हुए नव-निर्मित हीरा कार्यालय परिसर के हॉल को तैयार किया जा रहा है। एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था पूरी हो चुकी है, जबकि फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का कार्य अंतिम चरण में है। प्रशासन का दावा है कि इस बार नीलामी पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होगी। 

तीन साल बंद रहा उत्पादन
गौरतलब है कि 1 जनवरी 2021 को पर्यावरणीय स्वीकृति समाप्त होने के कारण मझगवां हीरा खदान में खनन कार्य बंद करना पड़ा था। लगभग तीन वर्षों तक उत्पादन पूरी तरह ठप रहा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार प्रभावित हुआ। मार्च 2024 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद पुनः खनन शुरू किया गया। एनएमडीसी को दो खनन पट्टों पर दोबारा खनन की स्वीकृति मिली है।