अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था में हालिया बदलावों के बावजूद भारत मजबूत स्थिति में बना हुआ है। भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) की महासचिव चंद्रिमा चटर्जी ने यह दावा किया है।
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ पर लगाया रोक
दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक टैरिफ नीति के एक बड़े हिस्से को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित कानून राष्ट्रपति को ऐसे आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं देता। इसके बाद ट्रंप ने सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर 10 प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा की, जिसे उनकी व्यापार रणनीति का अगला चरण माना जा रहा है।
भारत की स्थिति कैसे मजबूत?
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रिमा चटर्जी ने कहा कि उद्योग यह आकलन कर रहा है कि इन बदलावों का भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पहले भारत को कुछ प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले मामूली टैरिफ बढ़त हासिल थी, लेकिन वैश्विक 10 प्रतिशत टैरिफ लागू होने पर भी भारत की स्थिति अच्छी बनी रहेगी।उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत-अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय वार्ताएं जारी रहना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भारतीय निर्यातकों को टैरिफ के अलावा निवेश, तकनीक आदान-प्रदान और सहयोग के रूप में भी फायदा मिल सकता है।चटर्जी ने यह भी कहा कि अमेरिका भारतीय टेक्सटाइल निर्यात के लिए एक प्रमुख बाजार है और कुल निर्यात में उसकी हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नीति में अधिक स्पष्टता और स्थिरता आएगी, जिससे भारतीय निर्यातक अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकते हैं और आगे वृद्धि के अवसर तलाश सकते हैं।








