मध्य प्रदेश : के Rajgarh जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां संचालित शासकीय बालक प्री-मैट्रिक विमुक्त जाति छात्रावास में बच्चों को पर्याप्त भोजन नहीं दिए जाने की शिकायत सामने आई है।
बताया जा रहा है कि छात्रावास में बच्चों को फल और दूध तो दूर, भरपेट रोटी भी नहीं मिल रही। कई बच्चों ने आरोप लगाया कि उन्हें रोजाना केवल दो रोटियां दी जाती हैं और कई बार भूखे पेट ही सोना पड़ता है।
तहसीलदार के सामने रो पड़े छात्र
शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार विनीत गोयल निरीक्षण के लिए छात्रावास पहुंचे। जैसे ही उन्होंने बच्चों से बात की, छात्र अपनी पीड़ा बताते हुए भावुक हो गए। एक छात्र ने बताया कि सुबह खाने में सिर्फ दो रोटियां मिलीं, जबकि दूसरे ने कहा कि कई बार खाना मांगने पर मना कर दिया जाता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने तुरंत बाहर से खाना मंगवाकर बच्चों को खिलाया।
जली रोटियां और धमकाने के आरोप
बच्चों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता है और घर भेजने की चेतावनी दी जाती है। उनके अनुसार नाश्ते में रोज पोहा, दोपहर में दाल-रोटी और रात में आलू-टमाटर या आलू-मटर की सब्जी दी जाती है, लेकिन रोटियां अक्सर जली हुई होती हैं और मात्रा भी पर्याप्त नहीं होती।
तहसीलदार ने बताया कि बच्चों की शिकायतों के आधार पर पंचनामा तैयार कर लिया गया है और रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जाएगी।









