रसोई गैस के बाद अब हाईवे सफर भी महंगा होने जा रहा।

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दौसा। रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम लोगों को एक और झटका लगने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के फैसले के बाद अब हाईवे पर सफर करना महंगा होने जा रहा है। एनएचएआई ने फास्टैग के वार्षिक पास की फीस बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब यह पास 3,000 रुपए के बजाय 3,075 रुपए में मिलेगा। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। यह बढ़ोतरी भले ही छोटी नजर आए, लेकिन इसका असर देशभर में लाखों वाहन चालकों पर पड़ेगा।

बढ़ी हुई फीस का सीधा असर जेब पर

इस निर्णय का सबसे अधिक असर राजस्थान के दौसा जिले में देखने को मिलेगा। दौसा की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां से हर दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। दौसा से जयपुर, दिल्ली, कोटा, मनोहरपुर और बांदीकुई की ओर जाने वाले प्रमुख हाईवे मौजूद हैं। ऐसे में यहां के लोगों को रोजाना या नियमित रूप से टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है, जिससे बढ़ी हुई फीस का सीधा असर उनकी जेब पर पड़ेगा।

निजी वाहनों के लिए लागू है फास्टैग वार्षिक पास

जानकारी के अनुसार यह बढ़ोतरी 75 रुपए की है, जिससे देशभर में करीब 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे। फास्टैग वार्षिक पास मुख्य रूप से गैर-व्यावसायिक (निजी) वाहनों के लिए लागू होता है, जिससे बार-बार टोल भुगतान की परेशानी से राहत मिलती है।

200 बार तक किया जा सकता है उपयोग

एनएचएआई के अनुसार, वार्षिक पास लेने के बाद वाहन चालक एक वर्ष या अधिकतम 200 टोल यात्राओं तक बिना अतिरिक्त भुगतान के सफर कर सकते हैं। इसके बाद सामान्य टोल शुल्क लागू हो जाता है।

श्रद्धालुओं का भी सफर होगा आसान

फास्टैग उपयोगकर्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि फास्टैग के उपयोग को बढ़ावा देने और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करने के लिए यह व्यवस्था प्रभावी साबित हुई है। पिछले कुछ समय में फास्टैग उपयोगकर्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है, साथ ही डिजिटल भुगतान को भी बढ़ावा मिला है।

वाहन चालकों की जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

हालांकि, शुल्क में बढ़ोतरी से आम वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कई लोगों का कहना है कि सड़क सुविधाओं में बड़ा सुधार नहीं होने के बावजूद टोल शुल्क में लगातार वृद्धि चिंता का विषय है।