दो भाइयों की हत्या: गांव में शव पहुंचते ही मची चीख-पुकार, आरोपियों के घरों में आग लगाने का प्रयास, फोर्स तैनात

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मेरठ के सरधना क्षेत्र के मेहरमती गणेशपुर गांव में ईद पर हुई दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्राम प्रधान सहीदू के दो सगे भाई, भूरा (40) और सैमुद्दीन (36) की निर्मम हत्या के बाद गांव में मातम और तनाव का माहौल व्याप्त है। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों भाइयों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। आरोपियों के घरों में आग लगाने की भी कोशिश की गई। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत कब्रिस्तान में हुई एक मामूली कहासुनी से हुई, जो जल्द ही हिंसक रूप ले बैठी। दोनों पक्षों के बीच धारदार हथियारों से जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें भूरा और सैमुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया।

घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों भाइयों के शवों को सुपुर्द-ए-खाक करने से इंकार कर दिया। उनकी मांग है कि आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। इस बीच, फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक जांच की और साक्ष्य जुटाए। एक आरोपी के घर में आग लगाने के प्रयास की भी सूचना है, जिसे पुलिस ने समय रहते काबू कर लिया।
 

गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती और प्रशासनिक सतर्कता
घटना की गंभीरता को देखते हुए, गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसडीएम उदित नारायण सेंगर, सीओ आशुतोष कुमार और कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। दोपहर तक शवों को सुपुद-ए-खाक नहीं किया गया था, कुछ लोग परिजनों को समझाने में जुटे थे। 

राजनीतिक हस्तियों का दौरा और न्याय का भरोसा
इस दुखद घटना पर संज्ञान लेते हुए, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज और सुनील रोहटा ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और उन्हें हर संभव मदद तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
 

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण नियंत्रण में बताई जा रही है। यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है और प्रशासन पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दबाव बढ़ाती है।