रायपुर : गरियाबंद जिले देवभोग विकासखंड के ग्राम कुम्हड़ाईखुर्द में पशुधन विभाग द्वारा संचालित डेयरी विकास योजनाओं का लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से दिखाई देने लगा है। देवभोग विकासखंड के ग्राम कुम्हड़ाईखुर्द की लाभार्थी धनमती बिसी ने डेयरी योजना के माध्यम से आत्मनिर्भरता की पहल पर उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है। उन्हें पशुपालन विभाग योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। यह सहायता उनके लिए आर्थिक सशक्तिकरण का नया आधार साबित हो रही है।
धनमती बिसी अपने पति महेश बिसी के साथ मिलकर डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ मिलने से उन्होंने अपने डेयरी यूनिट का और विस्तार किया है। जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हुई है और परिवार की आय में भी स्थायी बढ़ोत्तरी हुई है। पशुधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाना है। धनमती का कहना है कि अब वे न केवल परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी कर पा रही हैं, बल्कि आगे चलकर और अधिक पशु पालन कर अपने कारोबार को और बड़ा करने की योजना भी बना रही हैं। उनके इस प्रयास को देखकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।









