भोपाल में LPG ‘पैनिक’ खत्म, सिलेंडर बुकिंग घटी, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

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LPG Crisis: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में LPG सिलेंडर को लेकर बना पैनिक अब धीरे-धीरे सामान्य होता नजर आ रहा है. हालात यह हैं कि जहां कुछ दिन पहले रोजाना 14 हजार से ज्यादा सिलेंडर बुक हो रहे थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 11 हजार रह गई है. फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के मुताबिक अफवाहों के चलते लोगों ने जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा कर लिए थे, लेकिन अब कई गैस एजेंसियों पर बुकिंग सामान्य से भी कम हो गई है. शहर की केवल तीन बड़ी एजेंसियों पर ही अपेक्षाकृत ज्यादा बुकिंग दर्ज हो रही है, जबकि बाकी जगहों पर मांग कम है. पेंडिंग बुकिंग का आंकड़ा भी घटकर 35 हजार से नीचे आ गया है.

स्थिति पहले से हुई सामान्य

दो दिन पहले तक स्थिति काफी अलग थी, जब एजेंसियों पर भारी भीड़ देखी गई और बुकिंग 28 से 30 हजार तक पहुंच गई थी, जबकि सप्लाई सिर्फ 22 हजार सिलेंडर की हो पाई थी. इस कारण पेंडिंग बुकिंग 40 हजार तक पहुंच गई थी और उपभोक्ताओं को 4 से 5 दिन का इंतजार करना पड़ रहा था. अधिकारियों का कहना है कि शहर में गैस की कोई कमी नहीं है और एजेंसियों के पास 5 से 6 दिन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. भौंरी स्थित ऑयल डिपो से भी लगातार सप्लाई जारी है.

कम गैस वाले सिलेंडर का खुलासा

इधर, बैरागढ़ और कोलार क्षेत्र में खाद्य विभाग और नापतौल विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई गड़बड़ियों का खुलासा किया है. जांच के दौरान सिद्धार्थ इंडेन गैस एजेंसी से जुड़े वाहन में लोड 42 सिलेंडरों की जांच की गई, जिसमें से 31 सिलेंडरों में 3 किलो तक गैस कम पाई गई. घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 918 रुपए होने के हिसाब से उपभोक्ताओं को करीब 200 रुपए तक का नुकसान हो सकता है.

अवैध भंडारण पर बड़ी कार्रवाई

इसके अलावा बैरागढ़ चिचली इलाके में एक मकान पर छापेमारी के दौरान करीब 50 सिलेंडर अवैध रूप से रखे मिले. जांच में सामने आया कि वाहन दो दिन से भरा हुआ खड़ा था और केवल 10 सिलेंडरों के ही बिल उपलब्ध थे. नापतौल विभाग की जांच में 45 सिलेंडरों में मानक 14.2 किलो से 2 से 3 किलो तक गैस कम पाई गई, वहीं 8 सिलेंडरों में कंपनी की सील और प्लास्टिक कैप भी नहीं मिली.

सिलेंडर और वाहन जब्त

इस कार्रवाई में खाद्य विभाग ने 19 सिलेंडर और नापतौल विभाग ने 39 सिलेंडर सहित एक टाटा ऐस वाहन जब्त किया है. अधिकारियों ने इसे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और अवैध भंडारण का गंभीर मामला बताया है और आगे भी सख्त कार्रवाई की बात कही है.