नालंदा। जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध मघड़ा स्थित श्री शीतला माता मंदिर में मंगलवार को पूजा के दौरान हुई भगदड़ ने एक बड़े हादसे का रूप ले लिया। भारी भीड़ और अव्यवस्था के बीच मची अफरा-तफरी में आठ महिलाओं समेत नौ की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना ने मंदिर प्रबंधन और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुई घटना?
पुलिस प्रतिवेदन के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 10 बजे की है। उस समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। आरोप है कि मंदिर के पंडा और पुजारियों द्वारा अवैध रूप से पैसे लेकर पूजा कराई जा रही थी और गर्भगृह के पास बांस लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया था। जब महिलाओं ने गर्भगृह में प्रवेश करने की कोशिश की, तो बांस से बने अवरोध के कारण अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के दबाव में कई महिलाएं गिर गईं और उनके ऊपर से अन्य श्रद्धालु गुजरते चले गए, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया। सीसीटीवी फुटेज में यह भी सामने आया है कि पंडा समाज के कुछ लोगों द्वारा श्रद्धालुओं पर डंडे चलाए गए, जिससे भगदड़ और अधिक भड़क गई।
मृतकों की पहचान
इस हादसे में जान गंवाने वाली 8 महिलाओं की पहचान कांति देवी, मालो देवी, क्रियंता देवी, रीता देवी, देववंती देवी, रेखा देवी, गुड़िया देवी और आशा देवी के रूप में हुई है।
मंदिर प्रबंधन और पंडा समाज पर कार्रवाई
दीपनगर थाना की पुलिस अधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन के आधार पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष सहित 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि मंदिर समिति ने मेला या भीड़ प्रबंधन की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी थी। गर्भगृह के पास जानबूझकर अवरोध खड़ा किया गया, ताकि अवैध वसूली की जा सके। साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के बजाय श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की गई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह हादसा पूरी तरह कुप्रबंधन और लापरवाही का परिणाम है। मामले की जांच बिमलेश कुमार को सौंपी गई है। अब तक इस मामले में नामजद आरोपी अनुज कुमार पांडे, अवधेश कुमार मिश्रा, विवेकानंद पांडे और निरंजन कुमार पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।









