Madhya Pradesh में कांग्रेस का टैलेंट हंट, डेटा साइंटिस्ट और प्रोफेसर बनने के लिए युवाओं ने दिखाया उत्साह

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MP News: मध्य प्रदेश में दलबदल की वजह से सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस अब संगठन को मजबूत करने के लिए नए चेहरों की तलाश में जुटी है. इसी उद्देश्य से पार्टी ने टैलेंट हंट अभियान शुरू किया है, जिसके जरिए प्रवक्ता, रिसर्च कॉर्डिनेटर और सोशल मीडिया टीम के लिए योग्य लोगों का चयन किया जा रहा है. इस पहल को प्रदेशभर में अच्छा प्रतिसाद मिला है और करीब 5 हजार युवाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से लगभग 1000 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है. इन आवेदकों में इंजीनियर, वकील, प्रोफेसर, लेखक, डेटा साइंटिस्ट और प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़े युवा शामिल हैं.

IIT पासआउट युवा दिखा रहे दिलचस्‍पी

सीधी जिले के चुरहट निवासी स्वराज सिंह बघेल भी कांग्रेस प्रवक्ता बनने की कतार में लगे हुए हैं. स्‍वराज सिंह आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र हैं, उन्‍होंने बताया कि कॉर्पोरेट नौकरी और यूपीएससी की तैयारी के बाद उन्होंने कांग्रेस से जुड़ने का फैसला किया. स्‍वराज के अनुसार, उनके पिता जो जिला न्यायाधीश रहे हैं, उन्होंने बचपन से संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का महत्व समझाया. वे मानते हैं कि वर्तमान नीतियों के कारण अभिव्यक्ति की आजादी पर असर पड़ रहा है, इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस का साथ चुना ताकि अपने ज्ञान और शिक्षा का उपयोग समाज और देश के हित में कर सकें.

सिविल सर्विस टीचर का दृष्टिकोण

कांग्रेस प्रवक्ता की कतार में लगे सिविल सर्विस के शिक्षक स्वतंत्र सिंह चौहान का कहना है कि वे लंबे समय से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहे हैं और अब सक्रिय राजनीति के जरिए योगदान देना चाहते हैं. स्‍वतंत्र सिंह के अनुसार, युवाओं की भागीदारी लोकतंत्र के लिए जरूरी है और कांग्रेस एक ऐसा मंच देती है जो संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप काम करता है. उनका मानना है कि विपक्ष हमेशा दबे-कुचले वर्गों की आवाज रहा है और ऐसे समय में पार्टी के साथ खड़े रहना जरूरी है.

वकील और लेखक की उम्मीदें

विदिशा के वकील, कवि और लेखक महेंद्र वर्मा ने भी इस टैलेंट हंट में भाग लिया है. वे छात्र राजनीति के समय से ही संगठन से जुड़े रहे हैं और कई पदों पर काम कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि वर्षों से वे पार्टी में सक्रिय भूमिका की तलाश कर रहे थे और अब इस पहल के जरिए उन्हें मौका मिलने की उम्मीद है. वहीं ग्वालियर के प्रांजल तिवारी, जिन्होंने मेलबर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है और राष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी भी रह चुके हैं, उनका कहना है कि पढ़े-लिखे युवाओं को राजनीति में आना चाहिए. उनका मानना है कि यह अभियान युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देता है और राजनीति को सीमित दायरे से बाहर निकालता है.

टैलेंट हंट पर कांग्रेस का दावा और प्रक्रिया

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल यादव के अनुसार, इस टैलेंट हंट की शुरुआत ग्वालियर से की गई थी और बाद में भोपाल सहित अन्य क्षेत्रों में भी इंटरव्यू आयोजित किए गए. उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब पार्टी ने इतने बड़े स्तर पर प्रतिभाओं को मौका देने की पहल की है, जिससे युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है.

कैसे हो रही चयन प्रक्रिया

यह पूरी प्रक्रिया प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है. खास बात यह है कि चयन में केवल डिग्री या अनुभव नहीं बल्कि प्रतिभा और क्षमता को प्राथमिकता दी जा रही है. आवेदन प्रक्रिया 16 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चली, जिसमें हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया. प्रारंभिक छंटनी के बाद चुने गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू पांच जोन में किया जा रहा है. अंतिम चयन के बाद हर जिले और संभाग में प्रवक्ता और रिसर्च कॉर्डिनेटर नियुक्त किए जाएंगे, जिससे जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती मिल सके.