राहगीर युवक ने झोपड़ी में चल रहे भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ किया, मुख्य आरोपी फरार

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MP News: मुरैना के बागचीनी क्षेत्र से सनसनीखेज खुलासा हुआ है. बागचीनी क्षेत्र के हंडवासी में एक झोपड़ी के अंदर चल रहे अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के गोरखधंधे का पर्दाफाश एक जागरूक राहगीर युवक ने कर दिया. युवक की सतर्कता और हिम्मत से इस संगठित गिरोह की पोल खुल गई, हालांकि मुख्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे.

संदिग्ध गतिविधि देख हुआ शक
जानकारी के मुताबिक, सांटा निवासी विकास शर्मा दोपहर करीब 12:48 बजे हंडवासी और नहर के बीच से गुजर रहा था. तभी उसने एक झोपड़ी से संदिग्ध तरीके से बाहर आती महिलाओं को देखा. शक होने पर विकास अंदर पहुंचा और चुपचाप वीडियो बनाना शुरू कर दिया.

अंदर का नजारा देख रह गया हैरान
अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था. आरोपी संजय पचौरी महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था, जबकि उसका साथी छोटू उर्फ विक्रम चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था. विकास ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए झोपड़ी की कुंडी बाहर से बंद कर दी और अपने दोस्त को फोन किया, लेकिन इसी बीच आरोपी संजय और विक्रम छप्पर फाड़कर मौके से फरार हो गए.

वैन का पीछा कर पकड़ा ड्राइवर
इधर, ड्राइवर राकेश प्रजापति महिलाओं को वैन में बैठाकर तेजी से मुरैना की ओर भाग निकला. लेकिन विकास और उसके साथी ने हिम्मत नहीं हारी और पीछा करते हुए मुंगावली पेट्रोल पंप पर वैन को पकड़ लिया. वहां से महिलाओं को उतारकर ड्राइवर को पकड़ते हुए शाम 4:30 बजे थाने पहुंचाया गया.

पीसीपीएनडीटी टीम ने शुरू की जांच
शाम करीब 6:30 बजे मामले की जानकारी पीसीपीएनडीटी कमेटी को मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. मुख्य आरोपी संजय पचौरी पहले भी दो बार भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में पकड़ा जा चुका है. वह सीएम राइज स्कूल बिलगांव में चपरासी था, जिसे 2024 में सस्पेंड कर दिया गया था. इसके बावजूद वह लगातार इस गैरकानूनी धंधे में सक्रिय रहा.

पुलिस जांच जारी
तीन-तीन बार पकड़े जाने के बाद भी आरोपी खुलेआम कैसे यह काला कारोबार चला रहा था? प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है.