भारत में तेजी से बढ़ेंगे अरबपति, 2031 तक संख्या पहुंचेगी 313

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नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था की निरंतर बढ़ती रफ्तार अब देश के सबसे धनी वर्ग के बढ़ते आंकड़ों में स्पष्ट रूप से झलकने लगी है। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अरबपतियों की संख्या आने वाले वर्षों में एक नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है।

वेल्थ रिपोर्ट 2026: 2031 तक भारत में होंगे 300 से अधिक अरबपति

नाइट फ्रैंक ने 'द वेल्थ रिपोर्ट' का अपना 20वां संस्करण साझा किया है, जिसमें भारतीय संपत्ति निर्माण को लेकर बेहद सकारात्मक अनुमान लगाए गए हैं। रिपोर्ट की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

1. अरबपतियों की संख्या में 51% का उछाल

अनुमान है कि साल 2031 तक भारत में अरबपतियों की संख्या बढ़कर 313 हो जाएगी। वर्तमान में देश में 207 अरबपति हैं। इसका अर्थ है कि अगले कुछ वर्षों में इस संख्या में लगभग 51 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी जाएगी।

2. अति-धनी व्यक्तियों (UHNWIs) की बढ़ती आबादी

भारत में उन लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है जिनकी नेट वर्थ $30 मिलियन (लगभग ₹250 करोड़) से अधिक है:

  • वर्तमान स्थिति: भारत में अभी 19,877 अति-धनी व्यक्ति मौजूद हैं।
  • भविष्य का अनुमान: 2031 तक यह आंकड़ा बढ़कर 25,217 तक पहुँचने की उम्मीद है।
  • वैश्विक स्तर: भारत अब दुनिया की छठी सबसे बड़ी अति-अमीर आबादी वाला देश बन चुका है।

इन क्षेत्रों ने दी संपत्ति को रफ्तार

भारत में अमीरों की बढ़ती संख्या के पीछे कुछ प्रमुख क्षेत्रों का बड़ा योगदान रहा है:

  • टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स: नए जमाने के उद्यमियों और तकनीकी नवाचार ने वेल्थ क्रिएशन में बड़ी भूमिका निभाई है।
  • पूंजी बाजार (Capital Markets): शेयर बाजार की मजबूती ने निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा किया है।
  • औद्योगिक विकास (Industrials): बुनियादी ढांचे और विनिर्माण क्षेत्र में आई तेजी से भी संपदा का सृजन हुआ है।

आर्थिक राजधानी मुंबई का दबदबा

  • संपत्ति के संकेंद्रण के मामले में मुंबई आज भी देश का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।
  • अकेले मुंबई शहर में भारत की कुल अति-धनी आबादी का 35.4 प्रतिशत हिस्सा निवास करता है।
  • व्यापारिक गतिविधियों और निवेश का मुख्य केंद्र होने के कारण मुंबई संपत्ति सृजन की इस दौड़ में सबसे आगे है।

वैश्विक रैंकिंग: तीसरे पायदान पर भारत

अरबपतियों की कुल संख्या के मामले में भारत अब दुनिया के शीर्ष देशों की कतार में खड़ा है:

  • अमेरिका: 914 अरबपतियों के साथ पहले स्थान पर।
  • चीन: 485 अरबपतियों के साथ दूसरे स्थान पर।
  • भारत: 207 अरबपतियों (और भविष्य की बढ़त के साथ) अब तीसरे स्थान पर काबिज है।