सफाईकर्मी भर्ती पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख: 14 साल की देरी पर सरकार को फटकार, 3 हफ्ते में मांगा जवाब

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जोधपुर/जयपुर। राजस्थान के नगर निकायों में सफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर चल रहे लंबे इंतजार पर अब उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में 23,820 पदों पर पिछले 14 वर्षों से नियुक्तियां लंबित होने को लेकर कोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव और डीएलबी निदेशक सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर, 380 से अधिक याचिकाएं दाखिल

इस भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी के खिलाफ जयपुर, राजगढ़, राजाखेड़ा और ब्यावर सहित कई क्षेत्रों के 380 से अधिक अभ्यर्थियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही है, जबकि अन्य निकायों में प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। अदालत ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर डेढ़ दशक से इन रिक्त पदों को भरने में क्या तकनीकी या प्रशासनिक बाधाएं आ रही हैं।


अलवर के अभ्यर्थियों को राहत, अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय

मामले की सुनवाई के दौरान अलवर के याचिकाकर्ताओं को लेकर आंशिक राहत की खबर आई है। अधिवक्ता के अनुसार, दिसंबर 2025 में जारी आदेशों के बाद जनवरी 2026 से दस्तावेजों की जांच शुरू हो गई है। इस पर कोर्ट ने उन्हें फिलहाल याचिका वापस लेने की छूट दी है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि हक न मिलने पर वे दोबारा अपील कर सकते हैं। वहीं, जयपुर नगर निगम व अन्य निकायों के मामलों में कोर्ट ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।